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इस फिल्म के खिलाफ जारी हुआ फतवा, निर्देशक को मिल रही है जान से मारने की धमकी

Wed, 29 Jan 2020 03:33 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: anand anand Updated Wed, 29 Jan 2020 03:33 PM IST
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muslim cleric release issued fatwa gul makai film based on Malala Yousafzai
गुल मकई - फोटो : amar ujala, mumbai

पाकिस्तान की मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की जिंदगी पर आधारित फिल्म गुल मकई इन दिनों काफी सुर्खियों में है। ये फिल्म जल्द सिनेमाघरों मेें रिलीज होने वाली है, लेकिन रिलीज से पहले फिल्म गुल मकई पर संकट के बादल मंढ़राने लगे हैं। मलाला यूसुफजई पर बनी इस फिल्म के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। फिल्म गुल मकई पर धार्मिक ग्रंथ का अपमान करने के आरोप लगे है। 

muslim cleric release issued fatwa gul makai film based on Malala Yousafzai
गुल मकई - फोटो : file photo

अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार नोएडा स्थित एक मुस्लिम धर्म गुरू ने फिल्म गुल मकई के खिलाफ फतवा जारी किया है। धर्म गुरू ने फिल्म के पोस्टर पर एतराज जताते हुए फतवा जारी किया है साथ ही इसे धार्मिक ग्रंथ का अपमान भी बताया है। इसके अलावा फिल्म गुल मकई के निर्देशक अमजद खान को भी जान से मारने की धमकी मिल रही है। इतना ही नहीं अमजद खान के अनुसार उन्हें काफिर बुलाया जा रहा है। 

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gul makai

मीडिया से बात करते हुए अमजद खान ने कहा, 'नोएडा के एक व्यक्ति की ओर से फिल्म के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। पोस्टर पर मलाला यूसुफजई को एक किताब पकड़े हुआ दिखाया गया है और दूसरी तरफ में ब्लास्ट का दृश्य है। उन्हें लगता है कि यह एक धार्मिक ग्रंथ है। उन्हें लगता है कि हमने पवित्र किताब का सम्मान नहीं किया है। मुझे, वह काफिर बोल रहे हैं। मैं बात करने की कोशिश कर रहा हूं, ताकि मैं उन्हें समझा सकूं कि यह कोई धार्मिक नहीं बल्कि एक अंग्रेजी की किताब है।'

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muslim cleric release issued fatwa gul makai film based on Malala Yousafzai
malala yousafzai - फोटो : file photo

गौरतलब है कि 'गुल मकई', यानी कि मक्के का फूल। नोबेल शांति पुरस्कार जीत चुकीं मलाला यूसुफजई इसी नाम से बीबीसी (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज) पर आतंकवाद के खिलाफ अपना ब्लॉग लिखती थीं। अब मलाला की बायोपिक इसी नाम से रिलीज होने जा रही है। अमजद खान पिछले आठ साल से वह इस फिल्म को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। फिल्म के विरोध पर बात करते हुए अमजद खान ने बीते दिनों कहा था कि, लोग यह नहीं देखते कि एक लड़की को नोबेल का शांति पुरस्कार मिला है बल्कि वह यह देखते हैं कि यह एक पाकिस्तानी लड़की की कहानी है। इस फिल्म की घोषणा मैंने तब की थी जब मलाला को नोबेल भी नहीं मिला था। 

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malala yousafzai - फोटो : file photo

अमजद खान ने आगे कहा कि, 'मैंने पाकिस्तानी पत्रकारों से लेकर लंदन में रहने वाले पत्रकारों, लेखकों और कुछ और लोगों के सहयोग से मलाला से संपर्क किया। मलाला की कहानी में हमें करीब तीन साल का वक्त लगा। मलाला के किरदार के लिए बांग्लादेश की एक लड़की फातिमा का चयन किया गया। उसने अपने स्कूल में ये बता दिया और उसके घर पर पथराव हो गया। बाद में हमने इस किरदार के लिए रीम शेख का चुनाव किया।'

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