मंटो के बॉक्स ऑफिस पर कोई करिश्मा न कर पाने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दिकी की नजर अगली बायोपिक ठाकरे की तरफ उठ गई है। शिवसेना के शिखर पुरुष बाल ठाकरे की जिंदगी पर बन रही फिल्म में नवाज उनका किरदार निभा रहे हैं। शूटिंग खत्म हो चुकी है और 2019 में गणतंत्र दिवस पर इसे रिलीज करने की तैयारियां हैं। फिल्म ठाकरे के राजनीतिक जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने की कहानी दिखाएगी।
बाल ठाकरे की तारीफों के पुल बांध रहे नवाज, बायोपिक में निभा रहे हैं अहम रोल
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फिल्म करने के बाद नवाज ठाकरे की खूबियां गिना रहे हैं। उनका कहना है कि राजनेता संजय राउत ने फिल्म का निर्माण किया इसका मतलब यह नहीं कि इसे पूरी तरह राजनीतिक फिल्म कहा जाए या लोग इस पर विश्वास न करें। नवाज के मुताबिक ठाकरे की यह बायोपिक उनके व्यक्तित्व की खूबियों को सामने लाएगी। नवाज सवाल करते हैं कि आखिर लोग ठाकरे के बारे में कितना जानते हैं?
क्या उन्हें पता है कि ठाकरे ने मुंबई शहर में कई एंबुलेंस चलवाईं और अस्पताल बनवाए। उन्होंने जाने कितने लोगों की नौकरियां लगवाईं। वह शानदार कार्टूनिस्ट थे और दिल से कलाकार थे। वह चीजों को गहराई से देखते थे और उनके इरादों पर शक नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। नवाज ने बताया है कि ठाकरे की बायोपिक 1995 तक उनके जीवन की कहानी बताएगी। नवाज के मुताबिक ठाकरे में सत्ता के लिए राजनेताओं वाला लालच नहीं था। नेता खुद उनके पास आते थे।
गौरतलब है कि बॉलीवुड कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों पाकिस्तानी उर्दु लेखक सआदत हसन मंटो की बायोपिक 'मंटो' को लेकर चर्चा में है। उनकी यह फिल्म बीते शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। दर्शक सहित फिल्म समीक्षक भी 'मंटो' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अभिनय की काफी तारीफ कर रहे हैं। वहीं खुद नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी मंटो के किरदार को करने के लिए अपने आपको भाग्यशाली माने हैं।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सआदत हसन मंटो का किरदार को करते हुए क्या-क्या महसूस किया इस बात को उन्होंने मीडिया के आगे भी रखा। उन्होंने बताया कहा- 'हर कलाकार को पानी की तरह होना चाहिए जो हर किरदार में खुद को ढाल ले। कलाकार के तौर पर कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो हमारे अंदर थोड़ा बहुत ही सही लेकिन हमेशा के लिए रह जाते हैं। सआदत हसन मंटो के किरदार का कुछ हिस्सा मेरे भी अंदर रह गया है। जैसे किसी के बारे में जाने बिना अपनी राय नहीं बनाना।' साथ ही नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने यह भी बताया कि मंटो के किरदार के बाद वह सच बोलने पर और भी ज्यादा विश्वास करने लगे हैं।