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ऑस्कर: 30वीं हिंदी फिल्म बनी 'न्यूटन', सिर्फ 3 हुई नॉमिनेट, नहीं मिला कोई अवॉर्ड
amarujala.com- Written by : श्रवण शुक्ला
Updated Fri, 22 Sep 2017 04:59 PM IST
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Oscars
- फोटो : Oscars
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भारतीय सिने प्रेमियों को ऑस्कर हमेशा से रिझाता रहा है, ये अलग बात है कि अब तक कोई भी भारतीय फिल्म फॉरेन कटिगिरी में अबतक अवॉर्ड नहीं जीत पाई। आगे जानें, कितनी फिल्में एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमित हुई, और कितनी फिल्में आगे बढ़ पाईं...
Newton
- फोटो : Newton
ऑस्कर के एकेडमी अवॉर्ड्स के विदेशी फिल्म कैटेगरी में इस साल 'न्यूटन' को भेजा गया है। ये फिल्म कुल मिलाकर 30वीं हिंदी फिल्म है, जिसे ऑस्कर के लिए भेजा गया है। अबतक भेजी गई 30 फिल्मों में महज 3 ही फिल्में आगे बढ़ पाई, बाकियों को तो नॉमिनेशन के बाद ही पुरस्कार की दौड़ से बाहर होना पड़ा। आगे जानें, कौन सी फिल्में भेजी गई और कौन सी फिल्में मुख्य प्रतियोगिता में आगे पढ़ पाई...
Mother India
- फोटो : Mother India
भारत की ओर से साल 1957 में पहली बार 'मदर इंडिया' फिल्म को आधिकारिक तौर पर एकेडमी अवॉर्स्ड के लिए भेजा गया था। ये फिल्म महबूब खान ने बनाई थी। इसे नॉमिनेशन भी मिला था। पर इसके बाद 15 फिल्में ऑस्कर भेजी गई। पर मुख्य दौर में शामिल ही नहीं हो पाई। आगे जानें, कौन सी थी वो 15 फिल्में और इसके बाद कौन सी फिल्म मुख्य प्रतियोगिता में शामिल हुई....
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Saagar
- फोटो : Saagar
भारत की ओर से हिंदी फिल्मों मदर इंडिया के बाद 1958 में मधुमती, 1962 में साहिब बीबी और गुलाम, 1965 में गाइड, 1966 में आम्रपाली, 1967 में आखिरी खत, 1968 में मझली दीदी, 1971 में रेशमा और शेरा, 1972 में उपहार, 1973 में सौदागर, 1977 में मंथन, 1978 में शतरंज के खिलाड़ी, 1980 में पायल की झंकार, 1984 में सारांश, 1985 में सागर फिल्में एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भेजी गई। पर इनमें से कोई भी फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई। आगे जानें, दूसरी कौन सी फिल्म थी, जिसने मुख्य दौर में जगह बनाई...
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Salaam Bombey
- फोटो : Salaam Bombey
भारत की ओर से साल 1988 में हिंदी फिल्म 'सलाम बांबे' को एकेडमी के लिए भेजा गया। इस फिल्म को मीरा नायर ने बनाया था। ये फिल्म आखिरी दौर तक पहुंची, पर अवॉर्ड जीत पाने में विफल रही। इसके बाद 6 अन्य हिंदी फिल्में भी भेजी गई। पर वो भी मुख्य दौर में जगह बनाने में नाकामयाब रही। आगे जानें, उन सभी फिल्मों के नाम...