भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते आजादी (1947) के बाद से ही बिगड़ गए थे। तब से दोनों देशों के बीच तनाव बराबर है। भारत-पाक को आजाद हुए 71 साल हो चुके हैं इस लंबे अंतराल में दोनों के बीच बॉर्डर पर कई जंग भी हो चुकी हैं। बीते दो आतंकी हमले (उरी और पुलवामा) से देश सहम गया था। जिसके चलते देशभर में पाकिस्तान को लेकर रोष पैदा हुआ। यही कारण है कि भारत-पाक के रिश्ते एक बार फिर डगमगा गए हैं। भारत ने हाल ही में हुए सीरआपीएफ जवानों पर कायरतापूर्ण आंतकी हमले को देखते हुए पाकिस्तान के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। एक तरफ जहां राजनीतिक परिद्श्य से उनका पानी और टमाटर रोका गया तो वहीं बॉलीवुड फिल्मों को भी रिलीज करने से पैर पीछे खींच पाक कलाकारों को उनके घर भेज दिया गया। ऐसा समय-समय पर होता आया है। ऐसे में बात करेंगे उन बॉलीवुड फिल्मों की जो पाकिस्तान ने अपने यहां रिलीज नहीं होने दी और उनकी फिल्मों की भी जो हमले के चलते पाकिस्तान नहीं भेजी गईं।
बॉलीवुड फिल्में बैन होने से कंगाल क्यों हुआ पाकिस्तान? वहां, रिलीज न हुईं फिल्मों की लिस्ट भी देखिए
पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की कमाई का 70 फीसदी हिस्सा भारतीय फिल्में हैं। फिर भी पाकिस्तान ने बीते वर्षो में कई बड़ी बॉलीवुड फिल्में अपने यहां रिलीज नहीं होने दीं। इससे पाकिस्तन को ही भारी नुकसान उठाना पड़ा। इनमें शाहरुख खान की रईस, तो वहीं फरहान अख्तर की ब्लॉकबस्टर फिल्म भाग मिल्खा भाग है। इनके अलावा फिल्म राजी, एजेंट विनोद, अक्षय कुमार की खिलाड़ी 786, बैबी और जॉली एलएलबी 2 के नाम भी लिस्ट में हैं। इतना ही नहीं सलमान खान की फिल्में भी पाकिस्तान में अक्सर बैन की जाती रही हैं। जिनमें बजरंगी भाईजान, एक था टाइगर और टाइगर जिंदा है जैसी हालिया फिल्में शामिल हैं। वहीं, फिल्म रांझना और परी को भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं होने दिया।
14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) वाले दिन सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले से पूरा देश सहम उठा था। इस हमले की शक की सूई सीधे पाकिस्तान की ओर गई थी। क्योंकि इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद सरगना मसूद अजहर ने ली थी। वहीं, मसूद अजहर का पाकिस्तान से खास नाता है। इस हमले के बाद पूरे देश में बदले की आग भड़क रही थी। जिसका बदला इंडियन एयरफोर्स ने एयरस्ट्राइक से लिया। लेकिन इन सबके बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर अपना घाटा करवा लिया। बता दें कि पुलवामा हमले के बाद बॉलीवुड में कई बड़ी फिल्में रिलीज हुईं जिनमे टोटल धमाल और बदला का नाम शामिल। वहीं, कुछ रिलीज भी होंगी जो पाकिस्तान नहीं भेजी जाएंगी जिनमें सलमान खान की भारत, अक्षय कुमार की केसरी और कंगना रनौत की मेंटल है क्या के नाम शामिल हैं।
पाकिस्तान सलमान खान की फिल्मों को लेकर बीते कुछ वर्षों से ज्यादा खफा है। देखा जाए तो एक था टाइगर के बाद सलमान खान की सभी फिल्में पाकिस्तान नहीं पहुंच पा रही है। इसकी वजह यह है कि दबंग खान की इन फिल्मों में पाकिस्तान की उस छवि को पेश किया जा रहा है जो पड़ोसी मुल्क को भा नहीं रही है। टाइगर जिंदा है और बजरंगी भाईजान ऐसी फिल्मे हैं जो भारत-पाक के रिश्ते पर नजर डालती है। वहीं, अक्षय कुमार की भी हालिया फिल्में आतंकवाद की पोल खोलती नजर आती हैं इसलिए उन्हें भी पाकिस्तानी सिनेमाई परदों पर जगह नहीं मिली। अक्षय की हिट फिल्म बैबी और जॉली एलएलबी 2 इसके सफल उदाहरण हैं।
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ठीक ऐसा ही तब हुआ था जब उरी अटैक से देश की रूह कांप उठी थी। इस दौरान कई पाक कलाकारों को देश से बाहर उनके घर वापस भगा दिया गया था। उस वक्त इसकी मार पाक अभिनेता फवाद खान और पाक सिंगर आतिफ असलम पर पड़ी थी। वहीं, शाहरुख खान की फिल्म रईस की पाक अभिनेत्री माहिरा खान को भी अपने वतन वापस लौटना पड़ा था। इस दौरान कई संगठनों ने फिल्म रईस को बैन करने की भी मांग की थी। भारत में जहां इस फिल्म की रिलीज में देरी हुई वहीं पाकिस्तान में बड़े पर्दे तक पहुंच नहीं सकी।