अभिनेता रघुबीर यादव इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरे हैं, उन्होंने बैंडिट क्वीन, लगान, पीपली लाइव और न्यूटन जैसी फिल्मों में काम करके अपनी काबिलियत साबित की है। इन दिनों वह बगिया बांछाराम में नजर आ रहे हैं। अभिनेता ने एक बातचीत के दौरान थिएटर के प्रति अपने प्यार, स्क्रीन पर प्रतिष्ठित भूमिकाएं करने और बहुत कुछ चीजों पर खुलकर बात की है।
Raghubir Yadav: बॉलीवुड को रघुबीर ने दी ये सलाह, कहा- व्यावसायिक सफलता के लिए नजरअंदाज किए पहलुओं पर दें ध्यान
रघुबीर यादव ने सिनेमा के प्रति अपनी राय रखते हुए कहा, 'ओटीटी प्लेटफार्मों के आगमन के कारण, बॉलीवुड को विकसित होना होगा और बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
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रघुबीर यादव ने अपने करियर की शुरुआत मस्से साहिब और सलाम बॉम्बे से की थी। बाद में 61वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया और हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता। इसके अलावा छोटे पर्दे पर 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' और 'चाचा चौधरी' में अमह भूमिकाएं निभाने से भी काफी मशहूर हुए। उन्होंने बताया कि वह टेलीविजन करने से क्यों दूर हो गए। अभिनेता ने कहा, 'टीवी सीरिज लंबी हो जाती हैं और अन्य काम पर ध्यान केंद्रित करने का समय नहीं मिलता है। मैं लंबे समय तक किसी किरदार में बंधकर नहीं रहना चाहता।'
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इसके अलावा थिएटर के प्रति आकर्षित अभिनेता ने कहा कि थोड़े सुधार की अपार गुंजाइश है, चाहे वह प्रदर्शन में हो या एक अभिनेता के रूप में किसी भूमिका के प्रति भावनात्मक प्रतिक्रिया में हो। रघुबीर यादव ने कहा, 'हमें किरदार के हर पहलू पर काम करने और लगभग डेढ़ महीने तक रिहर्सल करने के लिए काफी समय मिलता है। फिर दर्शकों की प्रतिक्रिया हमें प्रदर्शन को और भी बेहतर बनाने में मदद करती है। सिनेमा में यह संभव नहीं है क्योंकि एक बार जब कोई दृश्य फिल्माया जाता है और अंतिम कट स्वीकृत हो जाता है, तो अभिनेता वापस जाकर कुछ भी नहीं बदल सकता है।'
अभिनेता ने सिनेमा के प्रति अपनी राय रखते हुए कहा, 'ओटीटी प्लेटफार्मों के आगमन के कारण, बॉलीवुड को विकसित होना होगा और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। व्यावसायिक क्या है, इस पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, इसे संपूर्ण भारत का पता लगाना होगा और इसकी अनूठी संस्कृतियों की समृद्धि का जश्न मनाना होगा। अभी बहुत कुछ खोजा जाना बाकी है। निर्माताओं को व्यावसायिक सफलता की तलाश में नजरअंदाज किए गए पहलुओं पर थोड़ा गौर करना चाहिए। हम भूल गए हैं कि हमारी संस्कृति और हमें क्या अलग बनाती है। हमारी कहानियों को इन गुणों को प्रतिबिंबित करना शुरू करना चाहिए।'
रघुबीर का कहना है कि ओटीटी ने कुछ हद तक उनके करियर को पुनर्जीवित करने में मदद की है। उन्हें पंचायत, रे और द ग्रेट इंडियन मर्डर जैसी वेब सीरिज में अभिनय करने का मौका मिला। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी इस बात की है कि इसे अब लाखों घरों में देखा जा रहा है और इसने उस समय की यादें ताजा कर दी हैं, जब पूरा परिवार दूरदर्शन का शो देखने के लिए एक साथ बैठता था, जब इस तरह का विषय लोगों तक पहुंचता है, तो वे जुड़ जाते हैं। मुझे शो की प्रशंसा करने के लिए फोन आते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होती है। ओटीटी पर ऐसे शो से अभिनेताओं को भी फायदा हुआ है और आज कई होनहार प्रतिभाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।'
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