हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्देशक रहे फणी मजूमदार ने हिंदी सिनेमा में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया था। उन्हें मीना कुमारी अभिनीत क्लासिक 'आरती' और 'ऊंचे लोग' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता है। निर्देशक फणी मजूमदार ने देश के साथ ही विदेशों तक में अपने काम का परचम लहराया था। उन्होंने सिंगापुर में काम करते हुए साल 1955 में हैंग तुह (Hang Tuah) बनाई, जिसके लिए उन्हें 7वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में गोल्डन बियर के लिए भी नामांकित किया गया था। 28 दिसंबर 1911 को जन्में इस दिग्गज निर्देशक ने 16 मई 1994 को इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया, लेकिन उनके काम के लिए आज उन्हें जाना जाता है। जानिए हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज के जीवन की कुछ खास बातें।
Phani Majumdar Death Anniversary: के एल सहगल को ‘स्ट्रीट सिंगर’ बनाने वाले डायरेक्टर की दास्तां, शक्ति सामंत को सिखाए सिनेमा के शुरुआती मंत्र
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निर्देशक फणी मजूमदार ने 1930 के दशक में बीएन सरकार द्वारा स्थापित कलकत्ता के न्यू थिएटर स्टूडियो में फिल्म निर्देशक पीसी बरुआ के साथ काम किया और इस दौरान उन्होंने 1935 में देवदास जैसी क्लासिकल फिल्म का निर्माण किया। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाकर बॉम्बे स्टूडियो संग काम किया और फिल्म जगत को सुरैया, आंदोलन, तमन्ना जैसी फिल्में दीं। हिंदी जगत में उन्होंने कई लोगों के साथ काम किया, इन्हीं में से एक थे शक्ति सामंत। कहा जाता है कि शक्ति सामंत ने सिनेमा के शुरुआती गुर फणी मजूमदार से ही सीखे थे। एक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में काम करने से पहले शक्ति सामंत ने बॉम्बे टाकीज में धोबी डॉक्टर और तमाशा जैसी फिल्मों में फणी मजूमदार संग काम किया था।
के एल सहगल को मजूमदार की फिल्म के गाने से मिली ख्याती
निर्देशक फणी मजूमदार को खास तौर पर (1938) में उनके द्वारा निर्देशित की गई फिल्म स्ट्रीट सिंगर के लिए ख्याति मिली थी। के एल सहगल (कुंदन लाल सहगल) को भी प्रसिद्ध उनकी फिल्म स्ट्रीट सिंगर के गाने से ही मिली थी। इस फिल्म में के एल सहगल (कुंदन लाल सहगल) ने गीत 'बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए' गाना गया था। के एल सहगल को आज भी इस गाने के लिए याद किया जाता है। मजूमदार, के एल सहगल को एक असाधारण कलाकार मानते थे और उनका मानना था कि सहगल कैमरे के सामने पैन कर सकते हैं। जब केएल सहगल ने बाबुल मोरा गाना गाया था, तब उन्होंने मजूमदार से अनुरोध किया कि उन्हें सेट पर लाइव गाने दें। खास बात रही कि बाबुल मोरे की प्लेबैक रिकॉर्डिंग नहीं की गई थी, बल्कि उन्होंने सीधे इसे हारमोनियम के साथ सड़कों पर गाया था और ये गाना क्लासिक माना जाता है।
फिरोज खान को दी पहली हिट फिल्म
निर्देशक फणी मजूमदार ने अपने करियर में कई भाषाओं में फिल्मों का निर्माण किया था। उन्होंने पंजाब, मैथिली और मगधी में भी फिल्में बनाई थीं। दिग्गज अभिनेता रहे फिरोज खान को भी पहली हिट मजूमदार की फिल्म से मिली थी। फणी मजूमदार द्वारा निर्देशित फिल्म ऊंचे लोग फिरोज की पहली हिट फिल्म थी। इस तरह से फणी मजूमदार के हिंदी सिनेमा से लेकर रीजनल तक में खास योगदान रहा।