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Phani Majumdar Death Anniversary: के एल सहगल को ‘स्ट्रीट सिंगर’ बनाने वाले डायरेक्टर की दास्तां, शक्ति सामंत को सिखाए सिनेमा के शुरुआती मंत्र

Mon, 16 May 2022 12:00 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Mon, 16 May 2022 12:00 PM IST
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Phani Majumdar Death Anniversary Remembering a pioneering director of Indian cinema know their life and career
फणी मजूमदार - फोटो : insta-cinemaazi

हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्देशक रहे फणी मजूमदार ने हिंदी सिनेमा में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया था। उन्हें मीना कुमारी अभिनीत क्लासिक 'आरती' और 'ऊंचे लोग' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता है। निर्देशक फणी मजूमदार ने देश के साथ ही विदेशों तक में अपने काम का परचम लहराया था। उन्होंने सिंगापुर में काम करते हुए साल 1955 में हैंग तुह (Hang Tuah) बनाई, जिसके लिए उन्हें 7वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में गोल्डन बियर के लिए भी नामांकित किया गया था। 28 दिसंबर 1911 को जन्में इस दिग्गज निर्देशक ने 16 मई 1994 को इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया, लेकिन उनके काम के लिए आज उन्हें जाना जाता है। जानिए हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज के जीवन की कुछ खास बातें।

Phani Majumdar Death Anniversary Remembering a pioneering director of Indian cinema know their life and career
फणी मजूमदार का सिनेमा में योगदान - फोटो : insta-filmhistorypics

निर्देशक फणी मजूमदार ने 1930 के दशक में बीएन सरकार द्वारा स्थापित कलकत्ता के न्यू थिएटर स्टूडियो में फिल्म निर्देशक पीसी बरुआ के साथ काम किया और इस दौरान उन्होंने 1935 में देवदास जैसी क्लासिकल फिल्म का निर्माण किया। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाकर बॉम्बे स्टूडियो संग काम किया और फिल्म जगत को सुरैया, आंदोलन, तमन्ना जैसी फिल्में दीं। हिंदी जगत में उन्होंने कई लोगों के साथ काम किया, इन्हीं में से एक थे शक्ति सामंत। कहा जाता है कि शक्ति सामंत ने सिनेमा के शुरुआती गुर फणी मजूमदार से ही सीखे थे। एक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में काम करने से पहले शक्ति सामंत ने बॉम्बे टाकीज में धोबी डॉक्टर और तमाशा जैसी फिल्मों में फणी मजूमदार संग काम किया था।

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फणी मजूमदार - फोटो : insta-thedailyeyetoday

के एल सहगल को मजूमदार की फिल्म के गाने से मिली ख्याती
निर्देशक फणी मजूमदार को खास तौर पर (1938) में उनके द्वारा निर्देशित की गई फिल्म स्ट्रीट सिंगर के लिए ख्याति मिली थी। के एल सहगल (कुंदन लाल सहगल) को भी प्रसिद्ध उनकी फिल्म स्ट्रीट सिंगर के गाने से ही मिली थी। इस फिल्म में के एल सहगल (कुंदन लाल सहगल) ने गीत 'बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए' गाना गया था। के एल सहगल को आज भी इस गाने के लिए याद किया जाता है। मजूमदार, के एल सहगल को एक असाधारण कलाकार मानते थे और उनका मानना था कि सहगल कैमरे के सामने पैन कर सकते हैं। जब केएल सहगल ने बाबुल मोरा गाना गाया था, तब उन्होंने मजूमदार से अनुरोध किया कि उन्हें सेट पर लाइव गाने दें। खास बात रही कि बाबुल मोरे की प्लेबैक रिकॉर्डिंग नहीं की गई थी, बल्कि उन्होंने सीधे इसे हारमोनियम के साथ सड़कों पर गाया था और ये गाना क्लासिक माना जाता है।

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फणी मजूमदार - फोटो : @nitingodbole twitter

फिरोज खान को दी पहली हिट फिल्म
निर्देशक फणी मजूमदार ने अपने करियर में कई भाषाओं में फिल्मों का निर्माण किया था। उन्होंने पंजाब, मैथिली और मगधी में भी फिल्में बनाई थीं। दिग्गज अभिनेता रहे फिरोज खान को भी पहली हिट मजूमदार की फिल्म से मिली थी। फणी मजूमदार द्वारा निर्देशित फिल्म ऊंचे लोग फिरोज की पहली हिट फिल्म थी। इस तरह से फणी मजूमदार के हिंदी सिनेमा से लेकर रीजनल तक में खास योगदान रहा।

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