प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी ने बॉलीवुड को न सिर्फ ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, बल्कि हिंदी सिनेमा को एक नया मुकाम भी दिया। उनकी फिल्में आज भी उतनी ही ताजगी और जोश से देखी जाती हैं। जंजीर से शुरू हुआ यह सफर शराबी तक आते-आते इतिहास बन गया। प्रकाश मेहरा की कहानियां और अमिताभ की अदाकारी ने मिलकर बॉलीवुड को हमेशा के लिए बदल दिया।
नाना की तिजोरी से चुराए थे 13 रुपये
प्रकाश मेहरा का जन्म 13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। कम उम्र में ही उन्होंने मुंबई का रुख किया। कथित तौर पर 15 साल की उम्र में वह नाना की तिजोरी से 13 रुपये चुराकर मुंबई भाग गए थे। उनकी जिंदगी संघर्षों से भरी थी, लेकिन जुनून ने उन्हें कभी हारने नहीं दिया।
कैसे हुई करियर की शुरुआत
प्रकाश मेहरा ने 1950 के दशक में बतौर प्रोडक्शन कंट्रोलर अपने करियर की शुरुआत की। 1968 में उन्होंने 'हसीना मान जाएगी' से बतौर निर्देशक डेब्यू किया। लेकिन 1973 में 'जंजीर' ने उन्हें और अमिताभ बच्चन को रातों रात स्टार बना दिया। उनकी मसाला फिल्में, जैसे 'मुकद्दर का सिकंदर', 'लावारिस', और 'शराबी', बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं। प्रकाश ने अपने करियर में 20 से ज्यादा हिट फिल्में दीं और अमिताभ को 'एंग्री यंग मैन' के तौर पर पहचान दिलाई।
जंजीर का जोखिम भरा दांव और जीत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब अमिताभ बच्चन की एक के बाद एक फिल्में फ्लॉप हो रही थीं, तब प्रकाश मेहरा ने उन पर दांव लगाया। जंजीर' के लिए धर्मेंद्र के अलावा भी कई बड़े स्टार्स ने मना कर दिया था। प्राण की सिफारिश पर अमिताभ को लिया गया। इस फिल्म को बनाने के लिए प्रकाश ने अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रख दिए थे। फिल्म हिट हुई और अमिताभ 'एंग्री यंग मैन' बन गए। जंजीर (1973) प्रकाश मेहरा के प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म थी। इस फिल्म ने अमिताभ को सुपरस्टार और प्रकाश को मशहूर डायरेक्टर बनाया।
'शराबी' की कहानी हवाई यात्रा में बनी
कथित तौर पर फिल्म 'शराबी' की कहानी का विचार तब आया जब प्रकाश मेहरा और अमिताभ 1983 में न्यूयॉर्क से किसी फ्लाइट में थे। 35,000 फीट की ऊंचाई पर अटलांटिक महासागर के ऊपर उन्होंने एक शराबी बेटे और पिता के रिश्ते की कहानी गढ़ी। शराबी में एक सीन में प्राण (पिता) अमिताभ को पार्टी में मेहमानों से मिलवाते हैं। इस सीन को परफेक्ट करने के लिए अमिताभ को 45 रिटेक देने पड़े थे। दो घंटे की मेहनत के बाद सीन फाइनल हुआ, जो आज भी मशहूर है। 'शराबी' में एक फाइट सीन है, जिसे अमिताभ ने खुद कोरियोग्राफ और डायरेक्ट किया था। शराबी की शूटिंग के दौरान अमिताभ के हाथ में दीवाली का पटाखा फट गया था, जिससे उनका हाथ बुरी तरह झुलस गया था। फिर भी, उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी और कई सीन में एक हाथ पैंट की जेब में डाले नजर आए।