बिजनौर, उत्तर प्रदेश में जन्मे निर्माता- निर्देशक प्रकाश मेहरा ऐसे फिल्मकार रहे हैं, जिनके साथ सदी महानायक अमिताभ बच्चन ने सबसे ज्यादा फिल्में की हैं। प्रकाश मेहरा की ही फिल्म 'जंजीर' के जरिए अमिताभ बच्चन को लोकप्रियता मिली और फिर कभी उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इतना ही नहीं, प्रकाश मेहरा की कई फिल्मों के साउथ में रिमेक भी बने हैं जो जबरदस्त हिट हुए। प्रकाश मेहरा की पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं, प्रकाश मेहरा की करियर 10 चर्चित फिल्मों के बारे में...
Prakash Mehra: पहले अमिताभ बच्चन को दिया एंग्री यंगमैन अवतार, और फिर इस फिल्म में कर दिया करियर का बंटाधार
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हसीना मान जाएगी (1968)
फिल्म 'हसीना मान जाएगी' के जरिए भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्माता -निर्देशक प्रकाश मेहरा ने बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में शशि कपूर ने दोहरी भूमिका कमल और राकेश की निभाई थी। शशि कपूर के अलावा बबीता, अमीता, यूनुस परवेज और जॉनी वॉकर की भी फिल्म में अहम भूमिकाएं थी। कल्याणजी आनंदजी के संगीत निर्देशन में मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर का गाया गीत 'बेखुदी में सनम' उन दिनों का सबसे लोकप्रिय गीत था। यह गीत संगीत प्रेमियों का आज भी सबसे पसंदीदा गीत है। खास बात यह है कि फिल्म के छह गीत में से दो गीत 'ओ दिलबर जाने' और 'सुनो सुनो कन्याओं का वर्णन' प्रकाश मेहरा ने खुद लिखे। इस फिल्म से पहले प्रकाश मेहरा ने बतौर गीतकार अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'पूर्णिमा' से की थी।
मेला (1971)
फिल्म 'हसीना मान जाएगी' के बाद प्रकाश मेहरा ने संजय खान और फिरोज खान को लेकर फिल्म 'मेला' का निर्देशन किया। फिल्म में संजय खान और फिरोज खान ने फिल्म में भी भाइयों की भूमिका निभाई थी। संजय खान ने इस फिल्म में किशन और कन्हैया की दोहरी भूमिका निभाई थी। फिरोज खान ने फिल्म में एक खूंखार डाकू शक्ति सिंह का किरदार निभाया था। बचपन में एक मेले में शक्ति सिंह और किशन बिछड़ जाते हैं। शक्ति सिंह अपने भाई को किशन को मेले में खोने के लिए खुद को दोषी मानते है। इस फिल्म का निर्माण एए नाडियाडवाला ने किया था और यह फिल्म 30 जून 1971 को रिलीज हुई थी। इस बार प्रकाश मेहरा ने संगीत की जिम्मेदारी आर डी बर्मन को दी थी।
समाधि (1972)
फिल्म 'हसीना मान जाएगी' और 'मेला' के बाद निर्देशक प्रकाश मेहरा ने फिल्म 'समाधि' में धर्मेंद्र को पिता और पुत्र की दोहरी भूमिका में पेश किया। धर्मेंद्र के अलावा फिल्म में आशा पारेख और जया भादुड़ी की मुख्य भूमिकाएं थी। यह फिल्म तेलुगु में 'निंदू मनीषी' के नाम से बन चुकी है जो साल 1978 में रिलीज हुई। तेलुगु वर्जन में भी फिल्म ने जबरदस्त कमाई की थी। इस फिल्म का संगीत आरडी बर्मन ने तैयार किया था। 'कांटा लगा' इस फिल्म का सबसे लोकप्रिय गीत है जिसे शेफाली जरीवाला अभिनीत एक संगीत वीडियो के साथ टी-सीरीज द्वारा रीमिक्स किया गया था । इस फिल्म के निर्माता भगवंत सिंह और जी एल खन्ना थे। यह फिल्म 22 दिसंबर 1972 में रिलीज हुई थी।
जंजीर (1973)
फिल्म 'जंजीर' से प्रकाश मेहरा ने खुद अपने प्रोडक्शन हाउस प्रकाश मेहरा प्रोडक्शन की शुरुआत की। 'जंजीर' एक्शन क्राइम फिल्म थी और इसी फिल्म से अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा के एंग्री यंगमैन गए। सलीम जावेद ने इस फिल्म की पटकथा लिखी थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा जया बच्चन, प्राण, अजीत खान और बिंदू की मुख्य भूमिकाएं थी। यह फिल्म ऐसे समय रिलीज हुई थी, जब भारत भ्रष्टाचार और कम आर्थिक विकास से पीड़ित था, और आम आदमी व्यवस्था को लेकर हताशा और गुस्से से था। यह फिल्म न सिर्फ भारत में बल्कि सोवियत संघ में भी ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। यह फिल्म 11 मई 1973 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म के बाद सलीम जावेद की जोड़ी ने अमिताभ बच्चन के लिए कई फिल्में लिखी तो वही अमिताभ बच्चन निर्माता -निर्देशक प्रकाश मेहरा के सबसे पसंदीदा एक्टर बन गए।