दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्तूबर के दिन हुआ था। स्मिता पाटिल भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वो हमेशा प्रशंसकों के दिलों में रहेंगी। स्मिता पाटिल के जन्म दिवस पर राज बब्बर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है।
स्मिता पाटिल को याद करते हुए राज बब्बर हुए भावुक, साझा की ये तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज बब्बर ने अपनी दिवंगत पत्नी स्मिता पाटिल की एक खूबसूरत सी तस्वीर साझा की है। साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा- 'अतुलनीय प्रतिभाशाली एक कलाकार, एक भावुक आत्मा वालीं स्मिता को उनके जन्मदिन पर याद करते हैं। आपकी इतनी छोटी यात्रा थी फिर भी आपकी उपस्थिति उन सभी को महसूस होती है जिनके जीवन को आपने छुआ है। आपका प्रभाव इतना सार्थक रहा है।‘
A post shared by Raj Babbar (@rajbabbarmp) on
राज और स्मिता की पहली मुलाकात
राज बब्बर की स्मिता पाटिल से पहली मुलाकात वर्ष 1982 में आई फिल्म 'भीगी पलकें' के सेट पर हुई। इस फिल्म में ये दोनों ही कलाकार मुख्य भूमिकाओं में रहे। पहली मुलाकात बहुत खास नहीं थी। एक इंटरव्यू में खुद राज बब्बर ने बताया है कि उस समय इस फिल्म की शूटिंग उड़ीसा के राउरकेला में चल रही थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उनकी पहली मुलाकात स्मिता से हुई। इस मुलाकात के दौरान ही इन दोनों में पहले कुछ हंसी मजाक हुआ और फिर बाद में थोड़ी सी तकरार हो गई। हालांकि, राज बब्बर को स्मिता की जुबान से निकले हुए शब्द काफी पसंद आए। वह उसी वक्त स्मिता पर फिदा हो गए थे।
राज से मिलने से पहले ही मशहूर थीं स्मिता
राज बब्बर के स्मिता की जिंदगी में आने से पहले स्मिता ने काफी फिल्मों में काम कर लिया था। उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म 'चरणदास चोर' से शुरुआत की और 1977 में आई फिल्म 'भूमिका' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन पाया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1981 में आई फिल्म 'चक्र' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार पाया। साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता। 'नमक हलाल', 'बाजार', 'अर्थ' जैसी फिल्में भी उनके राज से मिलने से पहले ही रिलीज हो चुकी थीं। उस समय राज बब्बर जितने बड़े अभिनेता थे, उतना ही नाम इस इंडस्ट्री में स्मिता पाटिल का भी हो चुका था।
दुखद रहा प्रेम कहानी का अंत
शादी के बाद स्मिता गर्भवती हुईं और 13 दिसंबर 1986 को उन्होंने अपने एक बेटे को जन्म दिया। उसका नाम प्रतीक रखा गया। प्रसव के दौरान स्मिता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जन्म के वक्त हुईं कई जटिलताओं की वजह से स्मिता काफी बीमार रहने लगी थीं और किसी से ठीक से बात भी नहीं कर पाती थीं। उस समय स्मिता मात्र 31 साल की थीं और यह उनका मां बनने का पहला मौका था। इससे पहले कि स्मिता ज्यादा कुछ समझ पातीं, अपने बच्चे के जन्म के 15 दिन बाद ही उन्होंने इस दुनिया से विदा ले ली।