हिंदी सिनेमा के शोमैन राज कपूर साहब अगर आज हमारे बीच होते तो अपना 98वां जन्मदिन मना रहे होते। मगर, अफसोस कि सिनेमा का एक चमकता सितारा काफी पहले यह दुनिया छोड़कर चला गया। राज कपूर हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर लेकर गए। अभिनय से लेकर डायरेक्शन-प्रोडक्शन तक उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मगर, हैरानी की बात यह है कि अभिनय की दुनिया में आने से पहले वह अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के स्टूडियो में काम किया करते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका काम था झाड़ू लगाना, जिसके बदले उन्हें मासिक एक रुपये वेतन मिला करता था। लेकिन, एक रोज कुछ ऐसा हुआ कि राज कपूर साहब की किस्मत पलट गई। आइए जानते हैं वह किस्सा
Raj Kapoor: एक रुपये पगार पर पिता के स्टूडियो में झाड़ू लगाते थे राज कपूर, फिर यूं बने हिंदी सिनेमा के शोमैन
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राज कपूर फिल्मी दुनिया की एक हस्ती थे। उन्होंने एक्टिंग और डायरेक्शन के साथ-साथ शानदार लेखन से भी लोगों को अपना दीवाना बनाया। हालांकि, उनके फैंस को शायद ही ये बात पता हो कि बॉलीवुड में शोमैन के नाम से पहचान बनाने वाले राज कपूर एक वक्त अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के स्टूडियो में बहुत ही कम वेतन पर काम किया करते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक पृथ्वीराज कपूर को अपने बेटे की क्षमता पर कोई खास यकीन नहीं था। इसी कारण उन्होंने अपने स्टूडियो में राज कपूर को झाड़ू लगाने का काम दे दिया था। इसके बदले उन्हें एक रुपये मासिक सैलरी मिलती थी। हालांकि, बाद में राज कपूर की कला को केदार शर्मा ने पहचाना और उन्हें अपनी फिल्म 'नीलकमल' में हीरो का रोल दे दिया। इसके पीछे भी एक दिलचस्प वाकया है।
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कहा जाता है कि राज कपूर को उनके पिता पृथ्वीराज कपूर ने एक बार डायरेक्टर केदार शर्मा की फिल्मों के सेट पर बतौर क्लेपर बॉय काम करने की सलाह दी थी। अभिनेता ने भी पिता की बात मानकर यह काम शुरू कर दिया। फिल्म 'विषकन्या' की शूटिंग चल रही थी और इस दौरान गलती से राज कपूर का चेहरा कैमरे के सामने आ गया। इस गलती को ठीक करने की हड़बड़ी में राज कपूर का क्लैपबोर्ड उस सीन के अभिनेता की दाढ़ी में फंस गया, जिससे किरदार की दाढ़ी ही निकल गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बात पर डायरेक्टर केदार शर्मा इतने नाराज हुए कि उन्होंने राज कपूर को बुलाया और उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि, बाद में उन्हें इस बात का बेहद अफसोस भी हुआ।
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केदार शर्मा ने अपनी गलती सुधारने के लिए अलगे ही दिन सेट पर आकर राज कपूर के साथ फिल्म 'नीलकमल' साइन कर ली। यहीं से राज कपूर के अभिनय करियर को उड़ान मिलती गई। हालांकि, राज कपूर ने इससे पहले बाल कलाकार के रूप में भी काम किया था। राज कपूर ने 1935 में आई फिल्म 'इंकलाब' से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन इस फिल्म में वह बाल कलाकार के रूप में दिखे थे। लेकिन, बतौर हीरो 'नीलकमल' से उनकी किस्मत खुली और देखते ही देखते वह बॉलीवुड के शोमैन बन गए।
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