भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की आज पुण्यतिथि है। राजेश खन्ना ने अपने बॉलीवुड करियर में 180 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उन्होंने 1966 में आई फिल्म आखिरी खत से बॉलीवुड में कदम रखा था। बस इसी के बाद से उनका सुपरस्टार बनने का सफर शुरू हो गया। उनकी फिल्मों के गाने के साथ-साथ डायलॉग्स भी सुपरहिट हुए। चलिए आज आपको उनके कुछ चुनिंदा डायलॉग्स फिर से याद कराते हैं...
'बाबू मोशाय...जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं' से 'मैं मरने से पहले मरना नहीं चाहता' तक, ये हैं सुपरस्टार राजेश खन्ना के मशहूर डायलॉग्स
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फिल्म: आनंद
बाबू मोशाय, जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ है जहांपनाह, जिसे न आप बदल सकते हैं न मैं, हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले के उंगलियों में बंधी है। कब कौन कैसे उठेगा, ये कोई नहीं बता सकता।
फिल्म: आनंद
बाबू मोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं...
फिल्म: अमर प्रेम
मैंने तुमसे कितनी बार कहा पुष्पा मुझे ये आंसू नहीं देखे जाते, आय हेट टियर्स..
फिल्म: अराधना
एक छोटा सा जख्म बहुत गहरा दाग बन सकता है।
फिल्म:सफर
मैं मरने से पहले मरना नहीं चाहता...
फिल्म: सफर
ये तो मैं ही जानता हूं कि जिंदगी के आखिरी मोड़ पर कितना अंधेरा है।
फिल्म: अवतार
सेठ जिसे तुम खरीदने चले हो उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल।
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