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लाखों फैंस से घिरे रहने वाले राजेश खन्ना हो गए थे इतने अकेले, रात के 2 बजे फफक कर रोने लगे
Wed, 18 Jul 2018 07:40 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 18 Jul 2018 07:40 AM IST
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साल 1965 में यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स और फिल्मफेअर टैलेंट हंट के जरिए एक नए हीरो की तलाश कर रहे थे। 10 हजार लड़कों में से केवल 8 चुने गए और विजेता बने राजेश खन्ना। एक सुपरस्टार के बनने की कहानी यहीं से शुरू हो जाती है। 18 जुलाई को राजेश खन्ना की पुण्यतिथि पर उनकी जिंदगी से जुड़े ऐसे ही कुछ किस्से...
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1966 में राजेश खन्ना की पहली फिल्म 'आखिरी खत' रिलीज हुई थी। इसके बाद 'आराधना' और 'दो रास्ते' की सफलता से राजेश खन्ना को सुपरस्टार का तमगा हासिल हुआ। लड़कियों के बीच राजेश खन्ना की लोकप्रियता ऐसी छाई कि उन्हें खून से लिखे खत मिलते थे। स्टूडियो या किसी प्रोड्यूसर के ऑफिस के बाहर जहां राजेश खन्ना की सफेद रंग की कार खड़ी रहती थी लड़कियां उस कार को किस करती थीं। जिससे लिपस्टिक के निशान से उनकी गाड़ी गुलाबी रंग की हो जाती थी।
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कहा जाता है एक बार राजेश खन्ना को बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था तो उनके कमरे के आस-पास ही प्रोड्यूसर्स ने रूम बुक कर लिया था जिससे मौका मिलते ही वो राजेश खन्ना को फिल्म की स्क्रिप्ट सुना सकें। उस दौर में राजेश खन्ना की 'कटी पतंग', 'सच्चा झूठा', 'हाथी मेरे साथी', 'अमर प्रेम', 'आनंद' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
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लगातार 15 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड बनाने वाले राजेश खन्ना के लिए वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहा। वो अपनी स्टारडम संभाल नहीं पाए। देर रात तक पार्टियां करने की वजह से उनके शरीर पर भी असर पड़ा और इसके बाद शुरू हुआ उनकी नाकामयाबी का दौर।
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राजेश खन्ना के करीबी एक दोस्त चंचल ने एक वेबसाइट से बात करते हुए उनका एक किस्सा बताया था कि 'दिल्ली में एक बार मैं, अंजू महेंद्रू (राजेश खन्ना की गर्लफ्रेंड) और राजेश खन्ना बैठे हुए थे। रात के 2 बजे बाहर 'आनंद' फिल्म का गाना 'जिंदगी कैसी है पहेली' बज रहा था। मैं चुपचाप उस गाने को सुनता हुआ छत पर चला गया। गाना खत्म होने के बाद वापस लौटा तो देखा अंजू महेंद्रू अपने कमरे में चली गई हैं और राजेश खन्ना अकेले कुर्सी पर बैठकर रोये जा रहे थे। उस वक्त मैंने पूछा- 'क्या हुआ?' तो राजेश खन्ना ने कहा- 'जो आपको हुआ था और आप बाहर चले गए थे। इसके बाद काफी देर तक कमरे में सन्नाटा पसरा रहा।'
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