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एक फैसले की वजह से रमेश सिप्पी ने बदल दिया था 'शोले' का क्लाइमेक्स, 44 साल बाद सामने आई सच्चाई

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: शिप्रा सक्सेना Updated Wed, 23 Jan 2019 06:26 AM IST
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Ramesh Sippy birthday special Sholay climax totally changed due to 1975 Emergency
Ramesh Sippy - फोटो : twitter

बॉलीवुड में 48 साल तक राज करने वाले मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर रमेश सिप्पी का 23 जनवरी को जन्मदिन है। रमेश सिप्पी ने बॉलीवुड में कई सुपरहिट फिल्में दी है जिसमें 'शोले', 'अंदाज', 'शान', 'सीता और गीता', 'शक्ति' शामिल हैं। इन सभी फिल्मों में सबसे ज्यादा चर्चा में शोले फिल्म रही। रमेश सिप्पी की इस फिल्म को रिलीज हुए 44 साल बीत चुके हैं। लेकिन क्या आपको पता है इस फिल्म का क्लाइमेक्स जो असल में दिखाया गया था वो नहीं था?

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Ramesh Sippy birthday special Sholay climax totally changed due to 1975 Emergency
sholay - फोटो : file photo

'शोले' को बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्म कहा जाता है। इसमें जय और वीरू की जोड़ी से लेकर ठाकुर और गब्बर के डायलॉग ने लोगों का दिल जीत लिया था जिसे आज भी लोग दोहराते हैं। इस फिल्म से जुड़ा हाल ही में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे जानकर आपको बिल्कुल भी यकीन नहीं होगा। 

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Ramesh Sippy birthday special Sholay climax totally changed due to 1975 Emergency
sholay - फोटो : file photo

'शोले' फिल्म के आखिरी सीन में दिखाया गया है कि ठाकुर गब्बर को मारने की कोशिश करता है लेकिन पुलिस आकर उन्हें ऐसा करने से रोक देती है। बहुत ही कम लोग इस बात को जानते हैं कि फिल्म का आखिरी सीन जो दिखाया गया है वह पहले नहीं था। फिल्म के आखिरी सीन को रिलीज से कुछ दिन पहले ही बदला गया था, यानी कि 'शोले' फिल्म के आखिरी सीन को रमेश सिप्पी ने पूरी तरह से अलग शूट किया था। 

Ramesh Sippy birthday special Sholay climax totally changed due to 1975 Emergency
sholay - फोटो : file photo

खबरों के मुताबिक फिल्म के आखिरी सीन में दिखाया जाना था कि ठाकुर गब्बर को पैरों से मारता हुआ उसी जगह पर ले जाता है जहां पर गब्बर ने ठाकुर के हाथ काट दिए होते हैं। गब्बर को मारने के बाद ठाकुर जमीन पर गिर जाता है जिसके बाद वीरू ठाकुर को शॉल उढ़ा देता है। जिसके बाद ठाकुर और वीरू एक दूसरे को गले लगा लेते हैं। फिल्म के इस पूरे सीन को शूट करने के बाद रमेश सिप्पी को अलग तरह से आखिरी सीन शूट करना पड़ा था जिसकी वजह सेंसर बोर्ड का फैसला था। 

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sholay - फोटो : file photo

दरअसल, जिस वक्त 'शोले' फिल्म रिलीज हुई थी उस वक्त भारत में इमरजेंसी लगी हुई थी। ऐसे में सेंसरबोर्ड यह नहीं चाहता था कि फिल्म में दिखाया जाए कि पुलिस का पूर्व अफसर किसी अपराधी को खुद सजा दे। बोर्ड को ऐसा लगा था कि फिल्म में ऐसा दिखाए जाने से माहौल खराब हो सकता है जिसकी वजह से सिप्पी ने फिल्म के आखिरी सीन को दोबारा शूट किया। 

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