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रमेश सिप्पी: लीक से हटकर एक ऐसे निर्माता निर्देशक, जिन्हें जानने के लिए 'शोले' ही काफी है
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 23 Jan 2019 06:25 AM IST
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आज निर्माता निर्देशक रमेश शिप्पी का जन्मदिन हैं। उनके बेटे रोहन शिप्पी की फिल्म नौटकी साला का नाम 'शोले' फिल्म के एक डायलॉग से हुबहू उठाया गया था। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद की टंकी पर चढ़कर की जाने वाली नौटंकी को देखकर यह कमेंट करते हैं। आप समझ सकते हैं कि 'शोले' दरअसल कितनी बड़ी फिल्म थी।
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'शोले' व 'सीता और गीता' जैसी फिल्में बनाने वाले रमेश शिप्पी ने दस से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया है। लगभग उतनी ही फिल्मों से वह बतौर प्रोड्यूसर जुड़े रहे। पर रमेश शिप्पी साहब हमेशा अपनी एक फिल्म 'शोले' की वजह से याद रखे जाएंगे। आज भी, और आज के 50 या 100 साल बाद भी। हिंदी फिल्म के दर्शकों के लिए 'शोले' इतनी बड़ी फिल्म है कि उसे आज भी टीवी पर ऐसा देखा जाता है जैसे वह इसी शुक्रवार रिलीज हुई हो। 'शोले' एक ऐसी फिल्म थी जिसमें हर किसी के लिए कुछ न कुछ था।
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कोई असरानी की कॉमेडी से खुश था तो किसी को धर्मेंद्र की नौटंकी अच्छी लगी थी। कोई अमिताभ की संजीदगी और सेंस ऑफ ह्रयूमर पर फिदा था तो कोई हेमा मालिनी के बातूनीपन से। फिल्म में रोमांस की कैटेगरी भी अलग-अलग थीं। धर्मेंद्र और हेमा के रोमांस के साथ जया और अमिताभ का खामोश रोमांस भी उसी फिल्म में था।
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बसंती को कच्चे आम तोड़ते सिखाते दृश्य उसी फिल्म में थे जिस फिल्म में ठाकुर के हाथ काटने वाले दृश्य। और फिर गब्बर, जिनका नाम ही काफी था। रमेश सिप्पी ने एक फिल्म में इतने बहुरंगी सिनेमाई रंग दिए थे कि उन्हें देखने वाले चमतकृत थे, और आज भी हैं। रमेश शिप्पी को पूरी जिंदगी याद करने के लिए एक शोले ही काफी है।
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इस फिल्म के अलावा रमेश सिप्पी में फिल्म निर्माण की एक बड़ी रेंज दिखती है। उन्होंने 'शोले' से पहले 'अंदाज' व 'सीता और गीता' जैसी फिल्में भी बनाईं। 'शोले' बनाने के बाद उन्होंने 'शक्ति' और 'सागर' जैसी अलग तरह की फिल्में रचीं। रमेश शिप्पी ने 'भ्रष्टाचार' और 'अकेला' जैसी लीक से हटकर फिल्में बनाने के साथ 'बुनियाद' जैसे बड़े धारावाहिक का भी निर्देशन भी किया। एक प्रोड्यूसर के रूप में भी सिप्पी साहब की लंबी रेंज दिखती है। 'टैक्सी नंबर 9211', 'ब्लफ मास्टर' और 'दम मारो दम' जैसी फिल्में उनके हिस्से में हैं।
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