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Ranjeet Exclusive Interview: रमेश सिप्पी मेरे पास गब्बर का रोल लेकर आए थे, अमिताभ को रोज सुबह गीता पढ़ते देखा

Wed, 20 Sep 2023 01:09 PM IST
Virendra Mishra वीरेंद्र मिश्र
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:09 PM IST
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Ranjeet Exclusive Interview with amarujala Reshma Aur Shera fame actor could not work with Dilip Kumar
रंजीत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अपने जमाने के दिग्गज अभिनेता रंजीत अपने करियर में 500 फिल्मों में काम कर चुके हैं, लेकिन उन्हें खुद फिल्में देखने का शौक नहीं है। उन्होंने अपनी सिर्फ 10-15 फिल्में देखी होगी। देव आनंद की फिल्म 'गाइड' उनकी सबसे फेवरेट फिल्म है। इस फिल्म को उन्होंने करीब 10 बार देखा है। रंजीत ने अपने दौर के सभी टॉप कलाकारों के साथ काम किया, लेकिन वह दिलीप कुमार के साथ काम नहीं कर पाए। रंजीत से ‘अमर उजाला’ की एक खास बातचीत।

Ranjeet Exclusive Interview with amarujala Reshma Aur Shera fame actor could not work with Dilip Kumar
रंजीत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

आपको सुनील दत्त की खोज कहा जाता है, सुनील दत्त से पहली मुलाकात कब हुई और उनकी फिल्म 'रेशमा और शेरा' में काम करने का मौका कैसे मिला ? 
मैं मुंबई एक्टर बनने नहीं आया था, क्योंकि एक्टर वाली कोई बात मेरे अंदर नहीं थी। दिल्ली में मेरी मुलाकात रणवीर सिंह से हुई जिन्हें इंडस्ट्री में सब रॉनी के नाम से जानते थे। उन्होंने मुझे बॉम्बे (मुंबई) बुलाया था। वह हॉलीवुड की फिल्मों से जुड़े थे और हिंदी में 'जिंदगी की राहें' का निर्माण कर रहे थे। मैं मुंबई आया तो रॉनी मुझे देव आनंद साहब के बड़े भाई चेतन आनंद के घर पर मिले। मैं भी पहली रात वहीं सोया। मैंने अपनी जिंदगी में वहां पहली हीरोइन प्रिया राजवंश को देखी। प्रिया राजवंश को भी लंदन से रॉनी ही  लेकर आए थे। दूसरे दिन मुझे सन एंड सैंड होटल में शिफ्ट कर दिया गया। वहां पर मेरी मुलाकात सुनील दत्त साहब से हुई। बाद में रॉनी के साथ दत्त साहब के घर भी गए। वहां नर्गिस दत्त से भी मुलाकात हो गई। दत्त साहब रोज समुद्र तट पर आते थे और मैं सन एंड सैंड में ही ठहरा हुआ था तो हमारी रोज मुलाकाते होती रहीं। रॉनी की इंडस्ट्री में अच्छी पहचान थी जिस भी एक्टर के घर जाते, मुझे भी लेकर जाते। 10- 15 दिनों में मेरी मुलाकात इंडस्ट्री के सभी बड़े कलाकारों से हो गई। 

Ranjeet Exclusive Interview with amarujala Reshma Aur Shera fame actor could not work with Dilip Kumar
देव आनंद, अमजद खान के साथ रंजीत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

यानी आपको पहला मौका रॉनी की फिल्म 'जिंदगी की राहें' में मिला? 
लेकिन यह फिल्म शुरू नहीं हो पाई। इस फिल्म की कहानी एक ट्रक ड्राइवर की थी। अमजद खान के पिता जयंत साहब  ट्रक ड्राइवर की भूमिका निभा रहे थे। इस फिल्म में मैं हीरो था जो क्लीनर होता है। यह फिल्म शुरू होने से पहले ही रॉनी और फायनेंसर के बीच कुछ अनबन हो गई और फिल्म बंद हो गई। रॉनी लंदन चले गए। मुंबई में किसी को पता नहीं था कि रॉनी मुझे लेकर फिल्म बना रहे थे। सब सोचते थे कि कोई रिश्तेदार होगा और प्रोडक्शन के काम में मदद करने आया है। मैंने भी सोचा कि वापस दिल्ली चला जाता हूं। तभी मुझे पता चला कि सुनील दत्त साहब 'रेशमा और शेरा' बना रहे हैं। मैं सुनील दत्त साहब के ऑफिस गया। वहां दत्त साहब के मैनेजर मेनन ने बताया कि 'रेशमा और शेरा' में वहीदा रहमान जी के भाई का रोल है। दत्त साहब ने आपको यह रोल देने के लिए बोला है। अगले दिन दत्त साहब को धन्यवाद बोलने गया तो मेनन ने बताया कि जैसे ही कल आप ऑफिस से निकले मोहन सहगल का आपके लिए फोन आया था।

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'सावन भादों' में रंजीत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

मतलब दो दिन के अंदर ही आपको दो फिल्में मिल गई?
मोहन सहगल अपनी फिल्म 'सावन भादों' में रेखा के भाई के रोल के लिए मुझे ढूंढ रहे थे। मोहन सहगल को पता था कि सुनील दत्त साहब से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई है और मैं उनके ऑफिस में आता जाता हूं। कहां मेरी शुरुआत हीरो के रूप में हो रही थी और कहां फिल्मों में एक दो सीन के रोल मिल रहे थे। मोहन सहगल का ऑफिस पांचवें मंजिल पर था और लिफ्ट में ही मैंने फैसला कर लिया कि फिल्में करनी हैं। 'सावन भादो' की शूटिंग पहले शुरू हुई । इस फिल्म का शेड्यूल खत्म हुआ तो 'रेशमा और शेरा' की शूटिंग शुरू हो गई। वहीं राखी से मुलाकात हुई और उनकी वजह से फिल्म 'शर्मीली' में काम करने का मौका मिला। इस तरह से तीसरी फिल्म मिल गई।

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अमिताभ बच्चन-रंजीत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

शत्रुघ्न सिन्हा और विनोद खन्ना की भी शुरुआत विलेन से हुई। बाद में वह हीरो बनकर आए। आपने सोचा नहीं कि हीरो बनने का जो अधूरा काम कर गया था उसे पूरा किया जाए?
मैंने कभी हीरो बनने के बारे में सोचा ही नहीं। विलेन में भी मुझे अच्छी भूमिकाएं मिल रही थी और पैसे भी हीरो के जितने भी मिलते थे। मैने इंडस्ट्री के सभी टॉप स्टार्स राज कपूर, सुनील दत्त, देव आनंद, राजेश खन्ना, फिरोज खान, अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। अमिताभ बच्चन 'रेशना और शेरा' से पहले 'सात हिंदुस्तानी' में काम कर चुके थे तो वह मुझसे एक फिल्म सीनियर हैं। मैं दिलीप कुमार के साथ एक फिल्म 'आग का दरिया' करने वाला था लेकिन एक बार उसकी शूटिंग कैंसिल हो गई तो फिर मैं दूसरी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हो गया और इस फिल्म के लिए वक्त नहीं निकाल पाया।

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