{"_id":"5cdffbdbbdec22071f56c2c4","slug":"reema-lagoo-killing-sanjay-dutt-in-vaastav-unknown-facts-reema-lagoo-death-anniversary","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'बेटे' को गोली मारने के लिए पिस्तौल थामते वक्त पसीने से नहा गईं थीं रीमा लागू","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'बेटे' को गोली मारने के लिए पिस्तौल थामते वक्त पसीने से नहा गईं थीं रीमा लागू
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 18 May 2019 06:05 PM IST
विज्ञापन
'वास्तव' मूवी के एक सीन में संजय दत्त और रीमा लागू
आज भले ही रीमा लागू इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन जाते जाते वो कई ऐसे अदभुत किरदार दे गई हैं जो हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। फिर चाहें वो 'श्रीमान श्रीमती' की शक्कू और झगड़ालू बीवी का किरदार हो या फिर 'तू तू मैं मैं' की सास। हर किरदार को रीमा लागू ने अपनी एक्टिंग से जीवंत कर दिया था। उनको सबसे ज्यादा परेशान 'वास्तव' में बेटे बने संजय दत्त को शूट करने वाले सीन में हुई।
Trending Videos
'वास्तव' मूवी के एक सीन में संजय दत्त और रीमा लागू
उस फिल्म में रीमा चॉल में रहने वाली एक मां के किरदार में थी जिसका बेटा गलत राह पर निकल जाता है और वो बेबस कुछ कर नहीं पाती। लेकिन अंत में इसी किरदार में जबरदस्त बदलाव आता है जब रीमा लागू अपने तपड़ते बेटे की गुजारिश पर अपने हाथों से उसका सीना छलनी कर देती है। बकौल रीमा ये किरदार और फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत ही मुश्किल था। रीमा लागू को पिस्तोल के वजन का अंदाज नहीं था और जब संजय दत्त ने उन्हें शूट करने के लिए पिस्तौल थमाई तो एकबारगी वो घबरा उठी।
विज्ञापन
विज्ञापन
'वास्तव' मूवी के एक सीन में संजय दत्त और शिवाजी साटम
अब तक मां के हंसमुख और मॉर्डन किरदार निभाने वाली रीमा के लिए बेटे को शूट करने का सीन करना बहुत ही कठिन सा लग रहा था। डायरेक्टर ने भरोसा दिलाया और संजय भी सपोर्ट में थे। लेकिन शूट करने से पहले जब रिहर्सल की तो वो पसीने से नहा उठी। सीन नकली था लेकिन रीमा लागू एक मां के तौर पर बुरी तरह तनाव में आ गईं। फिल्म हिट हुई थी और एक साहसी मां के किरदार के रूप में रीमा लागू की बहुत तारीफ हुई थी।
'वास्तव' मूवी के एक सीन में संजय दत्त और रीमा लागू
इस सीन को लेकर कुछ सोशल मीडिया मेमे भी चले थे। एक मेमे में लिखा था - रीमा लागू ने संजय दत्त को गोली मार दी और बगल में खड़े एसीपी प्रद्युमन कुछ न कर सके।दरअसल सीआईडी सीरियल में एसीपी का किरदार निभा कर मशहूर हुए शिवाजी साटम इस फिल्म में संजय के पिता बनते हैं औऱ जब रीमा लागू संजय को गोली मारती हैं तो शिवाजी साटम बगल में ही खड़े होते है।
विज्ञापन
'नामकरण' के सेट पर रीमा लागू की साड़ी में लगी थी आग
रीमा लागू ने कई और मशहूर टीवी शोज में किया जिनमें 'कड़वी, खट्टी मीठी' और 'धड़कन' जैसे कई टीवी शोज में काम किया था। इनमें भी उनके किरदारों को खूब पसंद किया गया। महेश भट्ट के टीवी शो 'नामकरण' में रीमा लागू के किरदार को काफी सराहा गया। इसी शो के एक शूट के दौरान रीमा लागू अपना हाथ जला बैठी थीं। सीन के मुताबिक, रीमा लागू को अपने-आपको आग लगानी थी। सीन के मुताबिक, साड़ी में आग लग भी गई। चूंकि साड़ी कॉटन की थी इसलिए आग तेजी से फैल गई और उसी को बुझाने, खुद को बचाने के चक्कर में रीमा लागू का हाथ जल गया था।
