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Heeramandi: सिर्फ दो एपिसोड में खत्म हो गई लज्जो की कहानी, लेकिन ऋचा चढ्ढा ने दूसरा रोल छोड़ इसी पर भरी हामी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: रुपाली रामा जायसवाल
Updated Thu, 02 May 2024 08:58 PM IST
सार
नेटफ्लिक्स की साल की सबसे ज्यादा प्रतीक्षित वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ रिलीज हो चुकी है। सिर्फ दो एपिसोड के लिए सीरीज में आईं ऋचा चड्ढा की अदाकारी पर लोग खूब तालियां बजा रहे हैं। अब अभिनेत्री ने खुलासा किया है कि आखिरकार उन्होंने लज्जो का किरदार क्यों चुना।
नेटफ्लिक्स की साल की सबसे ज्यादा प्रतीक्षित वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ रिलीज हो चुकी है। बिब्बोजान बनकर अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने अपने रंग रूप के साथ साथ अपनी अदाकारी से भी लोगों का दिल जीत लिया है, लेकिन सिर्फ दो एपिसोड के लिए सीरीज में आईं ऋचा चड्ढा की अदाकारी पर भी लोग खूब तालियां बजा रहे हैं। ऋचा बताती है कि उन्हें प्रस्ताव तो इस सीरीज में एक दूसरे और इससे बड़े किरदार के लिए मिला था, लेकिन उन्होंने टूट दिल की खनक दुनिया भर को सुनाने में कामयाब रही लज्जो का किरदार जानबूझ कर चुना।
हर सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ को लेकर ऋचा चड्ढा ने एक नया खुलासा किया है। शुरुआत में एक बड़ी भूमिका की पेशकश किए जाने के बावजूद ऋचा ने गहरा प्रभाव डालने की क्षमता को पहचानते हुए जानबूझकर लज्जो के किरदार को चुना। ऋचा को पता था कि लज्जो में सबसे दिल दहला देने वाली छवि है, और पाकीजा की मीना कुमारी और देवदास के महिला संस्करण से समानता ने ऋचा का दिल जीत लिया था।
अपने इस फैसले के बारे में खुलासा करते हुए ऋचा कहती हैं, ‘जब मुझसे 'हीरामंडी' के लिए संपर्क किया गया था, उस समय संजय सर सिर्फ शोरनर थे। मुझे एक दूसरे किरदार की पेशकश की गई थी। निश्चित रूप से इसका स्क्रीनटाइम भी अधिक था। लेकिन, मैं अपने किरदार में नएपन की तलाश में रहती हूं जिसकी वजह से मैंने लज्जो को चुना। मैंने ऐसे किरदारों के साथ प्रयोग किया है जो नेगेटिव है, जैसे ‘फुकरे’ में भोली पंजाबन या ‘मैडम चीफ मिनिस्टर’ में तारा।’
ऋचा ये भी कहती हैं, ‘मूल रूप से मुझ पर केवल सशक्त किरदार निभाने का आरोप लगाया जाता है, इसलिए मुझे इससे अलग होने की ज़रूरत महसूस हुई। मैं एक निराशाजनक रोमांटिक भूमिका निभाना चाहती थी और दर्शकों को रोंगटे खड़े कर देना चाहती थी। ठीक यही हो रहा है। इसलिए जब सर ने मुझसे कहा, आओ और इस किरदार को देखो, तो मैं तुरंत लज्जो की ओर आकर्षित हो गई। मुझे यकीन था कि इसका फायदा मिलेगा और हुआ भी।’
ऋचा आगे कहती हैं, ‘मैं हमेशा से अपनी ऑनस्क्रीन भूमिकाओं में कथक नृत्य को शामिल करने की इच्छा रखती थी और 'हीरामंडी' ने ऐसा करने का सही अवसर प्रदान किया। एक प्रशिक्षित कथक नर्तक के रूप में लज्जो के नृत्य को जीवंत करना मेरे लिए एक संतुष्टिदायक अनुभव था, जिसने किरदार में प्रामाणिकता की एक और परत जोड़ दी।’
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