{"_id":"62862c754a43dd53141ac184","slug":"rocketry-the-nambi-effect-who-is-nambi-narayan-who-was-accused-of-spying-for-pakistan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Rocketry The Nambi Effect: कौन हैं नंबी नारायण, जिन पर लगा था पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Rocketry The Nambi Effect: कौन हैं नंबी नारायण, जिन पर लगा था पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हर्षिता सक्सेना
Updated Thu, 19 May 2022 05:15 PM IST
सार
इन दिनों नंबी नारायण का नाम काफी चर्चाओं में बना हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कौन हैं नंबी नारायण, जिन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगा था और बाद में यही नंबी देश के लिए मिसाल बने थे।
विज्ञापन
1 of 6
नंबी नारायण
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
इन दिनों नंबी नारायण का नाम काफी चर्चाओं में बना हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कौन हैं नंबी नारायण, जिन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगा था और बाद में यही नंबी देश के लिए मिसाल बने थे। उनके जीवन से जुड़ी इन्हीं कहानियों पर जल्द ही एक फिल्म रॉकेट्री द नांबी इफेक्ट रिलीज होने वाली है। तो चलिए आज हम आपको नंबी नारायण के जीवन और उनसे जुड़ी रोचक बातों के बारे में बताते हैं।
2 of 6
नंबी नारायण
- फोटो : Social media
पढ़ने के शौकीन थे नंबी
नंबी नारायणन का जन्म केरल राज्य के एक गांव मे नागरकोइल में हुआ था। उन्होंने इसरो में बतौर क्रायोजेनिक डिवीजन अधिकारी काम किया। उन्हें आज एक सैटेलाइट वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता है। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे एस नंबी नारायणन को पढ़ने का काफी शौक था। उन्होंने शिक्षा को अहमियत दी और तिरुवनंतपुरम के एक कॉलेज से एम.टेक किया। पढ़ाई करने के बाद उन्होंने देश के लिए कुछ करने का विचार बनाया।
3 of 6
नंबी नारायण
- फोटो : Social media
भ्रष्टाचार और जासूसी का लगा आरोप
नंबी नारायणन ने भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो में आवेदन किया और उनका आवेदन स्वीकार भी कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने कई खोज कीं। एक समय आया जब उनके जीवन में अंधेरा छा गया। भ्रष्टाचार और जासूसी के आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। यह घटना साल 1994 की है, जब नारायणन पर दो अधिकारियों ने आरोप लगाए थे कि वह रॉकेट व उपग्रह से संबंधित गोपनीय जानकारी भारत के बाहर भेजते हैं। बता दें कि जिस लॉन्च के समय उनपर आरोप लगा था उसको उड़ान परीक्षण डेटा के नाम जाना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
नंबी नारायण
- फोटो : Social media
सीबीआई की जांच में पाए गए निर्दोष
नंबी नारायणन पर जो भी आरोप लगे वे सीबीआई की जांच में गलत साबित हुए। सीबीआई ने कहा था कि भारत की स्पेस एजेंसी के प्रोग्रामों को नष्ट करने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए गए थे। अगर कुछ लोगों की माने तो कहा जाता है कि उन्होंने किसी बड़े ऑफर को ठुकरा दिया था, जिसके बाद अमेरिका के इशारों पर उन्हें फंसाया गया था। साल 1996 में केरल की अदालत ने उन्हें निर्दोष साबित कर रिहा कर दिया।
विज्ञापन
5 of 6
नंबी नारायण
- फोटो : Social media
नासा से मिला था बड़ा ऑफर
नंबी नारायणन के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वे अपने काम में लगे रहे। नंबी को अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने भी काम करने के लिए ऑफर दिया था और वे कुछ हद तक राजी भी हो गए थे। बाद में कुछ कारणों की वजह से वह नासा के साथ काम नहीं कर सके। नंबी नारायणन को उनकी खोज की वजह से भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।