हिंदी सिनेमा में यश चोपड़ा की हर खोज ने कमाल किया है। ये अलग बात है कि सैफ अली खान को लॉन्च तो यश चोपड़ा ने किया लेकिन कामयाबी उन्होंने अपने बूते हासिल की। पहली फिल्म के फ्लॉप होने से लेकर अब तक सैफ ने अपने करियर में अदाकारी को लेकर जितने प्रयोग किए हैं, उसकी दूसरी मिसाल हिंदी सिनेमा में कोई नहीं है। वह जिंदगी के हर कदम पर रिस्क लेते हैं और उनके करियर का सबसे बड़ा रिस्क रही वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स, जिसका दूसरा सीजन अगले महीने रिलीज होने जा रहा है। अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी ने की सैफ अली खान से ये खास मुलाकात।
सैफ ने इंटरव्यू में 'सेक्रेड गेम्स 2' के खोले राज, इस बार गायतोंडे नहीं, ये शख्स होगा 'सरताज'
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जब कोई भी बड़ा कलाकार डिजिटल के लिए रुख नहीं कर रहा था, आपने नेटफ्लिक्स का हाथ थामा। डर नहीं लगता आपको बार-बार रिस्क लेने में?
मैं खुद के फैसलों पर भरोसा करता हूं। जब पहली बार नेटफ्लिक्स का नाम सुना तो एहसास हुआ कि यह कुछ बड़ी चीज है। मैंने खूब शोज देखे हैं नेटफ्लिक्स पर और कई मुझे पसंद भी हैं। यह टीवी जैसा नहीं है। ऐसा नहीं कह रहा हूं कि टीवी माध्यम बुरा है पर उस पर काम को लेकर लोगों में कोई नैतिकता नहीं होती। काम करने का समय कुछ भी होता है और कितना भी लंबा हो जाता है। टीवी के निर्माता कलाकारों का तेल निकाल देते हैं। पर यह बिलकुल ही अलग माध्यम है। मुझे लगा कि मैं भी इस माध्यम पर निर्माता बन सकता हूं। मैं नेटफ्लिक्स के लिए एक कॉप ड्रामा सीरीज बनाने की सोच रहा था, तभी यह शो आ गया, और मुझे हां करने में दो सेकेंड भी नहीं लगा।
सेक्रेड गेम्स की चर्चा होती है तो सिर्फ गणेश गायतोंडे की बात होती है, सरताज पर कितना फोकस रहेगा इस बार दूसरे सीजन में?
इस बार का सीजन थोड़ा बदला हुआ है। सरताज भी पहले से बेहतर, फिट और गतिशील है। ज्यादा एक्शन देखने को मिलेगा। कहानी में एक तरफ बम की सुई चल रही है, इसीलिए थोड़ा तेज होगा। सरताज के पत्नी से हुए विवादों पर भी गौर किया जाएगा। साथ ही साथ उसके पिता की भी कुछ कहानियां होंगी।
लंगड़ा त्यागी, दीपक कुमार और बोरिस के बाद अब सरताज। किसी किरदार के लिए आप कितना तैयारी करते हैं और फिर नतीजा देखकर कैसा महसूस करते हैं?
सच कहूं तो बेहद अच्छा लगता है। सरताज का सिर पर पगड़ी बांधना, दिखने में भी और मन के लिए भी अच्छा लगता है। वह एक बहुत ही सच्चा इंसान है और ठोस भी। मजा आता है उसे करने में। बहुत ही मनोरंजक किरदार है। मेरे सबसे पसंदीदा किरदारों में से एक है सरदार बनना। लव आजकल में भी जब सरदार बना था तो बहुत अच्छा लगा था।
सरताज का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। क्या इस किरदार की आपकी निजी जिंदगी से भी कुछ समानताएं हैं?
जी नहीं, बिल्कुल भी नहीं, रत्ती भर भी नहीं। सरताज एक बहुत अच्छा इंसान है और मैं एक इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल का पढ़ा लिखा इंसान। मुझे तो बिल्कुल नहीं लगता कि मुझमें और सरताज में किसी भी तरह की समानता होगी। उसे तो तलाक का मतलब भी नहीं पता। तलाक होने के बाद भी पत्नी से मिलने की फिराक में रहता है। उसने कभी अपनी जिंदगी में भी किसी को तलाक देते हुए नहीं देखा होगा। एक तरह से वह मासूम है और मुझसे कई मायनों में अच्छा। शायद थोड़ा तेज भी हो मुझसे और थोड़ा बलवान भी।