क्या सलमान खान अति आत्मविश्वास के शिकार हो गए हैं? क्या फिल्म, टीवी और सोशल मीडिया में इतने दिखने लगे हैं कि लोगों की उनमें दिलचस्पी खत्म होने लगी है? क्या अपने फिल्म और टीवी पीआर के प्रति सलमान इतने लापरवाह हो चुके हैं कि वह आंख मूंद कर गलत लोगों पर भरोसा कर रहे हैं? सलमान खान के मैनेजरों की टीम इन दिनों कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश कर रही है।
न आते सलमान के इतने बुरे दिन, अगर उसके मैनेजरों की टीम रखती इन 3 बातों का ख्याल
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वजह है सलमान की पिछली फिल्म 'रेस-3' का बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं कमतर साबित होना और सोनी टीवी पर उनके रीयलिटी शो 'दस का दम' का बेहद कमजोर साबित होना। मनोरंजन की दुनिया में सलमान भले ही बिकाऊ स्टार हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो उनकी टीम ने आत्म मंथन शुरू कर दिया है। असल में उनकी 'रेस-3' के नतीजों से खुद सलमान समेत निर्माता रमेश तौरानी को जबर्दस्त धक्का पहुंचा। ईद पर रिलीज हुई फिल्म से सलमान और उनकी पूरी टीम को उम्मीद थी कि यह 300 करोड़ के पार जाएगी। मगर फिल्म ने बमुश्किल आधा सफर तय किया। इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 160 करोड़ के आस-पास आकर रुक गया। दो सौ करोड़ तक बहुत दूर रह गए। कुछ वितरकों ने फिल्म में घाटा तक सहा। इससे पहले 'टाइगर जिंदा है' जरूर अपनी ब्रांड छवि के कारण चली थी मगर उससे पहले आई 'ट्यूबलाइट' ने तो खुद सलमान को वितरकों के पैसे लौटाने पर मजबूर कर दिया था। 'रेस-3' में भले ही उन्हें पैसे नहीं वापस करने पड़े मगर यह बात साबित हो गई कि लोग अब उन्हें आंख मूंद कर नहीं देखने जा रहे। कमजोर फिल्म करने का खामियाजा सलमान को भुगतना पड़ रहा है।
खबर यह भी है कि आखिरी एपिसोड की तारीख तय हो चुकी है और अंत में सलमान के साथ शाहरुख खान आएंगे।