कांकाणी काले हिरण शिकार मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को बृहस्पतिवार को जोधपुर की एक अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी एक लोकप्रिय अभिनेता है, जिसे लोग फॉलो करते हैं। लेकिन उसने अपने मजे के लिए शिकार किया। ऐसे में वह सजा में रियायत का हकदार नहीं है। कोर्ट ने कैद के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सेशन कोर्ट में जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी। अदालत से जेल पहुंचे सलमान खान को रात में खाने के लिए दाल रोटी दी गई लेकिन उन्होंने नहीं खाया।
सलमान खान को 5 साल की सजा, जज बोले- लोग तुम्हें फॉलो करते हैं, तुमने मजे के लिए शिकार किया
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सलमान के लिए बाहर से मंगाया गया चिकन, बीपी की शिकायत की
सलमान को आम कैदियों की तरह पुलिस बोलेरो में बैठाकर जेल ले गई। इस बीच सलमान के वकीलों ने सेशन कोर्ट में बेल की अर्जी लगाई, जिस पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख दे दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिनेता सलमान खान ने जेल का खाना नहीं खाया और उनके लिए बाहर से चिकन मंगाया गया। हालांकि जेल प्रशासन ने इससे इनकार किया है। वहीं गर्मी से बेहाल सलमान के लिए एक कूलर की व्यवस्था की गई। सोने के लिए दरी और लकड़ी का पाटा भी दिया गया। जेल में रात बिताने के लिए उन्हें एक टी शर्ट और बरमूडा भी उपलब्ध करवाया गया। जेल में सलमान ने बीपी की शिकायत भी की जिसकी अस्पताल में जांच कराई गई। हालांकि जांच में सब कुछ सामान्य रहा। अदालत के फैसले से झटका खाए सलमान तनाव में न दिखने की कोशिश कर रहे थे। जेल बैरक में परेशानी की हालत में इधर-उधर टहलते रहे और वह ठीक से सो नहीं सके।
आंसू छिपाने को सलमान ने पहना चश्मा, बहनें हुईं भावुक
अदालत में सलमान को जैसे ही सजा सुनाई गई, उनकी आंखें छलक उठीं। उन्होंने अपने आंसू छिपाने के लिए चश्मा पहन लिया। सलमान की बहन अलवीरा ने उन्हें तुरंत पानी पिलाकर हिम्मत बंधाई। दोनों बहनें सलमान को लगातार दिलासा देती रहीं। इससे पहले जब अदालत ने सैफ, तब्बू, सोनाली, नीलम सहित अन्य आरोपियों को बरी किया, तो सलमान और उनकी दोनों बहनों को थोड़ी राहत की उम्मीद बंधी थी, लेकिन तनाव बरकरार था। इसके बाद अदालत से पांच साल की सजा सुनकर तीनों हताश हो गए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी बयान से ये साबित नहीं होता कि सैफ अली खान ने सलमान को हिरणों के शिकार के लिए उकसाया है। वह सिर्फ जिप्सी में आगे बैठे थे। साथ ही यह भी साबित नहीं हुआ कि सोनाली, नीलम, तब्बू और दुष्यंत सिंह भी अपराध में शामिल थे। लिहाजा, इन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है।
फैसला देते हुए जज की टिप्पणी
देव कुमार खत्री, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जोधपुर ने कहा, मुल्जिम अभिनेता है और उनका आमजन अनुसरण करते हैं। ये जानते हुए भी अभियुक्त ने बेजुबान दो काले हिरणों का गोली मारकर शिकार किया। वर्तमान में वन्य जीवों के अवैध शिकार की बढ़ रही घटनाओं के मद्देनजर अभियुक्त ने जो कृत्य किया है, उससे वह कोई लाभ प्राप्त करने का अधिकारी नहीं पाया जाता है।
बचाव पक्ष की दलील
सलमान के वकील ने कहा कि मुल्जिम अभिनेता है, यदि उसे कारावास भेजा जाता है, तो फिल्म जगत से जुड़े कई घरों की रोजी-रोटी पर प्रभाव पड़ेगा। मुल्जिम के खिलाफ वर्तमान में पूर्व के किसी भी प्रकरण में दोष सिद्धी नहीं है। मुल्जिम 20 वर्षों से अंवीक्षा भुगत चुका है। अनुशासित होने के कारण मुल्जिम को जब भी बुलाया वह आया है और वन विभाग की हिरासत भी भुगत चुका है। ऐसे में सजा में नरमी बरती जाए।
अभियोजन पक्ष का नजरिया
अभियोजन पक्ष ने कहा कि अभियुक्त ने बहुचर्चित कलाकार होने के बावजूद लुप्त प्राय: प्रजाति के दो काले हिरणों का बंदूक से शिकार किया है। लोग अभिनेताओं का अनुसरण करते हैं। मुल्जिम के इस कृत्य से उसे अधिकतम सजा होनी चाहिए। किसी भी तरह की नरमी बरतना न्यायोचित नहीं होगा।