कोरोना...अब सिर्फ एक वायरस का नाम नहीं बल्कि लोगों के लिए एक ऐसी आफत बन चुका है जिससे हर कोई जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहता है। भारत में कोरोना के दस्तक देने से पहले की जिंदगी कुछ और थी, वहीं आज हर तरफ परेशानियां दिख रही हैं। क्या आम, क्या खास सभी इस बीमारी से अपनों को खो रहे हैं। हालांकि जहां लोग भारी मात्रा में संक्रमित हो रहे हैं तो वहीं ऐसे भी लोगों की संख्या कम नहीं है जो ठीक होकर घर जा रहे हों। ऐसे में हमें सिर्फ इस वायरस से ही नहीं बल्कि इसके साथ आ रही नकारात्मकता, तनाव और दुख से भी लड़ना है। इस बारे में कुछ सेलेब्स ने भी बताया कि महामारी के दौरान उन्हें कैसा महसूस हुआ।
कोरोनाः महामारी में महसूस कर रहे हैं तनाव? जानें संक्रमण से जूझ चुके इन सितारों का अनुभव
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समीरा रेड्डी
रेस गर्ल समीरा रेड्डी फिल्मों से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत में ही समीरा अपने पति और बच्चों के साथ गोवा के फार्महाउस में चली गई थीं। उन्होंने सभी तरह की सावधानिया बरतीं, लेकिन फिर भी उनके परिवार को कोरोना हो गया। समीरा ने बताया कि, 'कोरोना संक्रमित होने के 19वें दिन मेरा शरीर एकदम जवाब देने लगा था। मैं मानसिक और शारीरिक दोनो तौर से इस बीमारी से लड़ रही थी'।
उन्होंने कहा कि, 'उनके बच्चे भी संक्रमित हो गए थे ऐसे में उन्हें रात भर नींद नहीं आती थी। हालांकि मैंने खुद को हताश नहीं होने दिया। मैंने अपने ठीक होने के पूरे समय में मजेदार कंटेंट बनाए और जानकारी इक्ट्ठा की ताकी लोगों को भी ढांढस बंधा सकूं। हालांकि तनाव दूर करना आसान नहीं था। एक दिन ऐसा भी आया जब मैं टूट गई और रोने लगी। फिर मैंने खुद को संभाला और मुझे यही समझ आया कि कभी भी हद से ज्यादा मजबूती दिखाना अच्छा नहीं होता, कभी कभी जैसा चल रहा है उसे वैसे ही चलने देना चाहिए'।
श्वेता त्रिपाठी
मशहूर अदाकारा श्वेता त्रिपाठी को फरवरी में कोरोना हुआ था। उन्होंने अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा कि, 'मैं शूटिंग कर रही थी जब मुझे एहसास हो गया कि मैं कोरोना संक्रमित हो गई हूं। मैंने रिपोर्ट पॉजिटिव आने से पहले ही खुद को क्वारंटीन कर लिया'। अपने सबसे निराशा भरे पल के बारे में बात करते हुए श्वेता ने कहा कि, 'मुझे आइसोलेशन में रहना बहुत ही खराब लगा'।
श्वेता ने कहा कि, 'वैसे मुझे अकेले समय बिताना अच्छा लगता है लेकिन जब आप बिल्कुल कमरे से बाहर ना निकल सके और सिर्फ टीवी देखें या किताब पढ़ें क्योंकि कुछ और कर नहीं सकते तो ये बहुत बर्दाश्त से बाहर होने लगता है'। उन्होंने बताया कि क्वारंटीन के चौथे दिन बहुत ही खराब लगा, लेकिन मुझे यही समझ आया कि खुद की काउंसलिंग करना बेहद जरूरी है'। श्वेता ने कहा कि, 'अब सभी को अपनी रक्षा खुद ही करनी है। बहुत से लोग आपकी मदद जरूर करेंगे, लेकिन आपके दिमाग की शांति ना भंग हो इसका ख्याल आपको खुद रखना है'।