29 जुलाई 1959 को संजय के पैदा होने के बाद महान अदाकारा नरगिस ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनका बेटा जिंदगी भर किन-किन रास्तों से गुजरेगा। साल 1977 में संजय लॉरेंस स्कूल से 18 बरस की उम्र में घर लौटे। मुंबई के एक कॉलेज में संजू बाबा का एडमिशन करवाया गया। इसी दौरान उन्हें ड्रग्स की लत लग गई। एक इंटरव्यू में बताया था कि वे अपने कमरे में बंद रहते थे।
संजय दत्त के साथ कई सुपरहिट फिल्में देने वाले महेश भट्ट ने रेडियो शो ‘भट्ट नेचुरली’ में संजय दत्त पर बात करते हुए महेश भट्ट ने बताया था कि एक वक्त ऐसा भी था जब संजय दत्त सुबह उठते ही हेरोइन के बारे में सोचते थे और शराब से कुल्ला किया करते थे।
एक इंटरव्यू में संजय दत्त ने बताया था कि जब उन्होंने पहली बार छिपकर बाथरूम में सिगरेट पी थी तब अचानक से पिता सुनील दत्त आ गए और उन्हें उनके इस व्यवहार के लिए जूते पड़े थे। संजय दत्त को ड्रग्स की इतनी आदत लग गयी थी कि एक बार वह ड्रग्स लेकर सोए और 2 दिन बाद उठे थे।
मशहूर डायरेक्टर महेश भट्ट ने बताया संजय दत्त के लिए हीरोइन की लत से उबरना बेहद मुश्किल था। उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए बताता कि, ‘संजय दत्त के लिए नशे की लत से निपटना बेहद मुश्किल था। महेश भट्ट संजय दत्त के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। इनमें कब्जा, दुश्मन और सड़क फिल्में शामिल हैं।
संजय दत्त ने अपने कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि जितने भी तरह के ड्रग्स होते हैं, मैंने सब लिए हैं। कहा जाता है कि 10 में से एक इंसान को किसी न किसी चीज़ की लत होती है। ये लत खाने, जुआ खेलने, शराब पीने या ड्रग्स लेने की हो सकती है। मैं इन 10 में से एक था। ड्रग्स लेना एक तरह की बीमारी है। उन्होंने ये भी कहा था कि एक ड्रग एडिक्ट को कोई स्वीकार नहीं करता है लेकिन डैड ने मुझे स्वीकार किया। वो प्रोड्यूसर्स से कहते थे कि तुम मेरे बेटे को लेने से पहले सोच लो, वो ड्रग्स लेता है।