फिल्म निर्देशक अशोक पंडित की सरपरस्ती में काम करने वाले सिने मजदूरों के महासंघ ने 65 साल से ऊपर के कलाकारों को शूटिंग पर प्रतिबंधित करने का नियम लागू करवा कर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बखेड़ा खड़ा कर दिया है। शबाना आजमी, परेश रावल, हेमा मालिनी जैसे कई कलाकार सरकार की तरफ से इन दिशा निर्देशों पर बिना सोचे समझे मुहर लगाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं। हेमा मालिनी ने इस बाबत केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है।
सिनेमा के बुजुर्ग कलाकारों पर शूटिंग की रोक जारी, हेमा मालिनी की चिट्ठी के बाद जमकर बरसीं शबाना आजमी
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना को लेकर जारी होने वाली हर एडवाइजरी में 65 साल से अधिक के बुजुर्गों और 10 साल से कम के बच्चों से घर के भीतर ही रहने को कहा जा रहा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज ने अपने मुख्य सलाहकार अशोक पंडित की अगुआई में जब महाराष्ट्र सरकार को लॉकडाउन के बाद शूटिंग शुरू होने की बाबत अपनी सुझाव दिए तो इसमें एक मुख्य बिंदु लॉकडाउन खत्म होने के तीन महीने बाद तक 65 साल के ऊपर के कलाकारों को शूटिंग पर आने की अनुमति न देना भी शामिल रहा।
शबाना आजमी ने सरकार के इस नियम को भेदभाव पूर्ण बताया है। वह कहती हैं, 'विकास खन्ना की बिना शीर्षक वाली फिल्म का एक छोटा सा हिस्सा अभी शूट होना बाकी है। क्या होगा इस प्रोजेक्ट का? क्या निर्माताओं को जवान कलाकारों के बाल सफेद करके उनसे अभिनय करवाना चाहिए? और यह नियम सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री पर ही क्यों लागू है? राजनीति पर क्यों नहीं? ऐसे में तो उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि 65 साल से ऊपर का कोई भी नेता किसी भी राजनीतिक रैली में शामिल नहीं होगा या घर से बाहर नहीं निकलेगा।' इस बाबत वरिष्ठ कलाकार परेश रावल कहते हैं, 'फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि वह फिल्मों के सेट पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करवाएं और लगातार सेट को सैनिटाइज करवाते रहें। बहुत से ऐसे डॉक्टर और नर्स हैं जिनकी उम्र 65 साल से ऊपर है लेकिन फिर भी वह अपना काम करने में लगे हुए हैं। वह तो कलाकारों से भी बदतर स्थिति में हैं।'
इस सबके बीच टीवी के लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के 12वीं सीजन पर भी सबकी निगाहें लगी हुई हैं। अमिताभ बच्चन की उम्र इस समय 77 साल की है और उनके बिना इस शो के बारे में तो सोचा भी नहीं जा सकता। उधर,पिछले हफ्ते हेमा मालिनी ने गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को एक पत्र लिखकर इस नियम में संशोधन करने की गुजारिश की थी। उन्होंने अमिताभ बच्चन और अनुपम खेर जैसे कलाकारों का उदाहरण देकर बताया था कि इनके बिना उनके अधूरे प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए जा सकते।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज की संस्तुओं के हिसाब से जारी गाइंडलाइंस को लेकर हो रही दिक्कतों के चलते फिल्म कलाकारों की संस्था सिनटा लगातार राजनीतिक प्रयास कर रही है। उसके वाइस प्रेसीडेंट मनोज जोशी इस बाबत महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिल चुके हैं। सिनटा के महासचिव अमित बहल ने भी कहा है कि सिनटा ने कभी इस तरह की कोई संस्तुति सरकार से नहीं की है।