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बॉम्बे हाईकोर्ट में पहुंची शाहरुख खान की फिल्म 'जीरो', 30 नवंबर तक टली सुनवाई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम
Updated Tue, 20 Nov 2018 04:17 PM IST
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शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म जीरो का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही फिल्म विवादों के घेरे में आ गई है। बता दें फिल्म का ट्रेलर शाहरुख खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया गया था। फिल्म में कृपाण के दृष्य को लेकर विवाद है। सिख समुदाय ने फिल्म में कृपाण के इस्तेमाल का विरोध किया है।
शाहरुख खान
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट के बाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि शाहरुख खान ने गत्र कृपाण पहनकर सिख धर्म की भावनाओं का मजाक उड़ाया है। फिल्म के मेकर्स के खिलाफ दायर याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट 30 नवंबर को सुनवाई करेगा।
शाहरुख खान
याचिकाकर्ता अमृतपाल सिंह खालसा ने कहा है कि यह हमारे धर्म का स्पष्ट रूप से मजाक है। मेकर्स हमारे विश्वास और धार्मिक भावनाओं को इन सीन से नुकसान पहुंचा रहा है। मुझे लगता है कि सिखों को अनुच्छेद 25 के तहत कृपाण पहनने और ले जाने का विशेषाधिकार दिया जाता है, इसलिए वह स्पष्ट रूप से अनुच्छेद 25 का उल्लंघन कर रहे हैं।
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एडवोकेट अमृत सिंह खालसा ने इस महीने की शुरूआत में याचिका दायर की थी। इसमें फिल्म के कृपाण वाले सभी सीन्स हटाने की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि अदालत फिल्म के निर्माता और निर्देशक को यह सीन्स हटाने के आदेश दे। साथ ही याचिका में सेंसर बोर्ड से भी अपील की है कि जब तक फिल्म से यह सभी सीन्स नहीं हटते। तब तक फिल्म को हरी झंडी न दी जाए।
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एडवोकेट खालसा ने सोमवार को इस मामले में दो जजों वाली अदालत की बेंच से इस मामले में बहस भी की थी। अदातल ने इस मामले की सुनवाई 30 नवंबर के लिए टाल दी है। एडवोकेट ने फिल्म में ऐसे और सीन्स होने की संभावना पर बात की है। उनका कहना है कि कृपाण के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ खिलवाड़ को सिख समुदाय जरा भी बर्दाश्त नहीं करेगा।