उम्र के इस पड़ाव पर भी शरत सक्सेना काफी फिट नजर आते है। 17 अगस्त 1950 को मध्य प्रदेश के सतना में जन्मे शरत सक्सेना बुधवार को अपना 72वां जन्मदिन मना रहे है। शरत सक्सेना ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत निर्देशक नरेंद्र बेदी की अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'बेनाम' से साल 1974 में की। हिंदी, तेलुगू, मलयालम और तमिल में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शरत सक्सेना के करियर का उफान अपने समय के सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म 'बॉक्सर' के बाद आया। बड़े परदे पर अलग अलग तरह के किरदारों के चलते अपनी अलग पहचान बना चुके शरद सक्सेना का एक किस्सा हिंदी सिनेमा में काफी चर्चित रहा है और वह भी इसलिए क्योंकि इसका नाता हिंदी सिनेमा में सबसे कम पैसे देने के लिए चर्चित रहे निर्माता मुकेश भट्ट से जुड़ा है।
Sharat Saxena: जिस प्रोड्यूसर को कंजूस समझ समझौता करने का बनाया मूड, उसी निर्माता ने तीन गुना फीस देकर चौंकाया
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बात उस समय की है जब आमिर खान की फिल्म 'गुलाम' शुरू हो रही । इस फिल्म में बॉक्सर की भूमिका के लिए कलाकार की तलाश जारी थी। कोई कलाकार इस किरदार के लिए फिट नहीं बैठ रहा था। किसी ने शरत सक्सेना के नाम का सुझाव दिया। फिल्म के निर्माता मुकेश भट्ट ने शरत सक्सेना की 'बॉक्सर' देखी थी। उन्होंने तुरंत शरत सक्सेना के नाम पर अपनी सहमति जता दी। 'गुलाम' में बॉक्सर की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण थी। फिल्म में कलाकार अच्छा होगा तो वह पैसे भी अच्छे ही लेगा, ये सोचकर ही मुकेश भट्ट ने शरत सक्सेना से पैसे की बात की।
उधर, शरत सक्सेना तो जानते ही थे कि निर्माता मुकेश भट्ट पैसों को लेकर थोड़ा कंजूस हैं। वह कलाकारों को उनकी मौजूद बाजार कीमत से हमेशा कम पैसे देते हैं। शरत सक्सेना ने सोचा कि फिल्म अच्छी है तो अगर पूरी फिल्म के दो लाख रुपये भी मिल गए तो वह फिल्म कर लेंगे। लेकिन, उन्होंने अपने पत्ते मुकेश भट्ट से मिलते ही नहीं खोले। मुकेश भट्ट ने शरत सक्सेना को फिल्म की कहानी सुनाई। फिल्म में उनका किरदार सुनाया और बोले, ‘ज्यादा तो नहीं लेकिन मैं इस फिल्म के लिए तुम्हें छह लाख रुपये ही दे सकता हूं।’
शरत सक्सेना ने बहुत मुश्किल से खुद पर काबू किया। अपने चेहरे की खुशी दबाई और चुपचाप मुकेश भट्ट के दफ्तर से निकल आए। उम्मीद से तीन गुना ज्यादा पैसे मिलने की खुशी वह छुपा नहीं पा रहे थे और आखिरकार अपने एक करीबी के साथ ये सारी बातें साझा करने के बाद ही उनका मन शांत हुआ। फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई और उनको पूरी फिल्म के छह लाख रुपये भी मिल गए। लेकिन, इस बात का जिक्र शरत सक्सेना ने फिर कभी किसी से नहीं किया।
बात जब फिल्म 'गुलाम' की छिड़ी है, तो इस फिल्म से जुड़ा एक और किस्सा भी आपको बता देते हैं। इस फिल्म को पहले महेश भट्ट निर्देशित कर रहे थे। महेश भट्ट के बारे में यह बात तो सबको पता है कि गाने और एक्शन सीन की शूटिंग में वह कभी भी सेट पर नहीं जाते है। उनके सहायक निर्देशक ही गाने और एक्शन सीन की शूटिंग में होते हैं। यह बात फिल्म के हीरो आमिर खान को पसंद नही थी। और, एक दिन आमिर खान ने महेश भट्ट को बोल ही दिया कि आपको फिल्म का निर्देशक रहना है तो आपको हर रोज शूटिंग पर आना होगा।