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सोनाक्षी के साथ काम करने के बारे में क्या सोचते हैं पापा, जानिए शत्रुघ्न के दिल से
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 10 Sep 2018 04:24 PM IST
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मुझसे यदि कोई पूछता भी है कि आप दोनों कब साथ में फिल्म करेंगे, तो यही जवाब देता हूं कि मैंने उसके पास अपना बायोडाटा भेज दिया है। अब देखना होगा कि वह कब तक अप्रूवल देती है। मुझे कभी मेरी बेटी के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिलेगा, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।
मैं हमेशा से यह कहता हूं कि मेरी बेटी सोनाक्षी मेरा गर्व है। भगवान का दिया हुआ सबसे खूबसूरत तोहफा है वह। मेरी आंखों का तारा है सोनाक्षी। वह फिल्म इंडस्ट्री में आई, लेकिन अपनी शर्तों पर। उसने आज तक जो भी किया, वह अपने दम पर और अपनी मेहनत से किया। अपने परिवार के सम्मान को उसने कभी ताक पर नहीं रखा, जिसकी मुझे हमेशा खुशी होती है। मुझे याद है फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले उसने मुझसे यह वादा किया था कि पापा मैं कभी आपका सिर नीचा नहीं होने दूंगी और आपको कभी कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। वह चीज आज तक उसने निभाई है। वह बचपन से ही समझदार थी। कभी किसी चीज के लिए मुझे या अपनी मां को परेशान नहीं किया।
हां, बस जब मैं शूटिंग पर निकलता था, तो खूब रोती थी कि मुझे पापा के साथ जाना है। बस तभी एक समय था, जब वह रो-रोकर घर सिर पर उठा लेती थी। मैं उसको अपने साथ शूटिंग पर ले जाया करता था, लेकिन उसे वहां इतना बोरिंग लगता था कि वह कुछ ही देर में सो जाती थी। उसने अभिनय में आने के बारे में कभी पूरी तरह से नहीं सोचा था। किसी अन्य चीज की कोई मांग उसने कभी नहीं की।
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जब सोनाक्षी कॉलेज में थी, तब मैंने उसे एक कार उपहार दी थी, ताकि वह कॉलेज उससे आ-जा सके, लेकिन वह शुरू से इतनी आत्मनिर्भर थी कि वह कार उसने कभी इस्तेमाल नहीं की। वह हमेशा आम लोगों की तरह बस, ऑटो या ट्रेन से आती-जाती थी। जब उसने अभिनय में उतरने का सोचा, तो मैंने उससे कोई सवाल नहीं किया। मैं भी उसे अभिनय करते देखना चाहता था। जब सोनाक्षी छोटी थी, तो मैंने सोचा था कि उसके साथ एक एड करूं, लेकिन बात बन नहीं पाई। एक पिता होने के नाते उसे स्क्रीन पर देखने की इच्छा कहीं न कहीं मन में थी। मुझे उस पर विश्वास भी था और देखिए, जब उसकी पहली फिल्म 'दबंग' आई, मुझे बहुत खुशी हुई। मैं खुद ताज्जुब कर रहा था कि मेरी बेटी में कितनी प्रतिभा है। मैं उसकी ज्यादा फिल्में तो नहीं देख पाता, लेकिन जो भी देखता हूं, तो मुझे सुकून मिलता है उसकी प्रतिभा देखकर।
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मैंने उसकी फिल्म 'राउडी राठौर' भी देखी, उसमें भी उसकी और अक्षय कुमार की एक्टिंग देखकर मन खुश हुआ। हां, उसकी एक फिल्म है, जो मुझे बहुत पसंद है, वह फिल्म है 'लुटेरा'। इस फिल्म में मुझे लगा कि उसकी अभिनय क्षमता पूरी तरह से निखर कर सामने आई। मैंने जब यह फिल्म देखी थी, तो मैं स्तब्ध था, क्योंकि मैंने नहीं सोचा था कि सोनाक्षी इतना गंभीर किरदार इतनी खूबसूरती से निभा सकती है। मेरा बच्चा इतना अच्छा काम कर रहा है, तो मुझे हमेशा खुशी होती है।