अमिताभ को बॉलीवुड का शहंशाह बनाने में इस एक्टर का हाथ, अब पछता रहे होंगे
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मगर शत्रुघ्न ने इस बात के लिए खुशी भी जाहिर की कि उनका दोस्त महानायक बना। आपको बता दें कि इसी बात के चलते शत्रुघ्न ने अमिताभ की दोनों फिल्मों को आज तक नहीं देखा है।
एक दौर ऐसा आया जब एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन के साथ शत्रुघ्न की एक के बाद एक अनेक फिल्में रिलीज होने लगीं। 1979 में यश चोपड़ा के निर्देशन की महत्वाकांक्षी फिल्म 'काला पत्थर' आई थी। यह फिल्म बिहार की कोयला खदान चसनाला में पानी भर जाने और सैकडों मजदूरों को बचाने की सत्य घटना पर आधारित थी। फिल्म में शत्रुघ्न ने मंगल सिंह नामक अपराधी का रोल किया था। काला पत्थर तो नहीं चली लेकिन अमिताभ-शत्रु की टक्कर को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में अमिताभ-शत्रुघ्न ने फिल्म 'दोस्ताना', 'शान',व 'नसीब' जैसी फिल्मों में साथ-साथ आए। दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे, लेकिन बाद में गलतफहमियां पैदा हो गईं।
इतना ही नहीं शत्रुघ्न ने फिल्म में अपनी विलन की भूमिका के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मेरे खलनायक बनने के रोल को लोगों ने बहुत पसंद किया था। जब भी वो पर्दे पर आते थे तो लोग तालियों से उनका स्वागत करते थे। उन्होंने कहा कि खलनायक बनकर लोगों की तालियां पाना बहुत मुश्किल काम होता है।