{"_id":"602f7fcb01392f50f8052ef9","slug":"sonu-sood-says-his-role-during-the-pandemic-was-the-most-important-role-he-played-in-his-career","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कोरोना महामारी के दौरान निभाए गए किरदार को सबसे खास रोल मानते हैं सोनू सूद, कहा- भगवान ने दिखाया रास्ता","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
कोरोना महामारी के दौरान निभाए गए किरदार को सबसे खास रोल मानते हैं सोनू सूद, कहा- भगवान ने दिखाया रास्ता
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजयाश्री गौर
Updated Fri, 19 Feb 2021 03:30 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
सोनू सूद
- फोटो : Instagram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की पहचान सिर्फ एक एक्टर के तौर पर ही नहीं की जाती है बल्कि अब वो गरीबों के मसीहा बन चुके हैं। जब कोरोना महामारी में गरीबों को अपने घर जाना मुश्किल हो गया था तब सड़क पर उतरकर सोनू सूद ने हजारों मजदूरों को उनके घर पहुंचाया था। इसके बाद भी सोनू रुके नहीं और अभी तक वो लोगों की मदद करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में सोनू ने इसे लेकर बहुत खास बात कही है।
Trending Videos
2 of 6
सोनू सूद
- फोटो : Instagram
एक कार्यक्रम में सोनू सूद ने कहा कि, 'मैंने फिल्मों में बहुत से खास किरदार निभाए हैं ,लेकिन कोरोना महामारी के दौरान मैंने अपनी जिंदगी का सबसे खास किरदार निभाया। इस किरदार का निर्देशन ऊपरवाला कर रहा था। मैं भगवान को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे सही समय पर जगा दिया'।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
सोनू सूद
- फोटो : instagram/colorstv
पैनडेमिक पर बात करते हुए सोनू सूद ने कहा कि, 'जब इसकी शुरूआत हुई तो मुझे लगा कि हम सबको कुछ करना चाहिए, लेकिन मुझे पता नहीं था कि क्या करना सही होगा। मुझे याद है कि सबसे पहले थाने में काम करने वाले 350 मजदूरों ने मुझसे 10 दिन के लिए खाना मांगा था क्योंकि वो पैदल चलकर कर्नाटक अपने घर जाना चाहते थे'। इसके बाद सोनू प्राधिकारी के पास पहुंचे, उनसे अनुमति ली और फिर ऐसे लोगों के लिए वाहन का इंतजाम किया।
4 of 6
सोनू सूद
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सोनू सूद ने बताया कि, 'फिर मुझे एहसास हुआ कि ऐसे एक दो नहीं बल्कि लाखों लोग हैं जो इस महामारी के चलते अपने घरों से दूर फंस गए है। ऐसे में धीरे धीरे एक दूसरे से जुड़ते हुए हमने मजदूरों को उनके घर पहुंचाया। मैंने और मेरे साथियों ने एक ट्रोल फ्री नंबर बनाया और एक घंटे के अंदर हमें करीब 1 लाख लोगों के मदद के लिए फोन आया। इतना ही नहीं मुझे ढेरों मेल आ रहे थे। मेरा फोन हर समय बज रहा था। मैंने अपनी सेक्रेटरी से कह दिया था कि कोई भी मेल या फोन छूटना नहीं चाहिए'।
विज्ञापन
5 of 6
सोनू सूद
- फोटो : Social Media
आगे सोनू ने कहा कि, 'हमने करीब 7.26 लाख लोगों को उनके घर पहुंचाया। इन मजदूरों के चलते ही हमें बहुत सी सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए ये ही हमारे असली हीरो हैं। उन्हें घर पहुंचाना मेरी जिंदगी का सबसे सुखद एहसास था'। सोनू ने कहा कि मजदूरों के घर पहुंचाने के बाद उन छात्रों के मदद के फोन आने लगे जो विदेश में फंसे हुए थे। इसके बाद हमने उज्बेकिस्तान, कजाकस्तान, जॉर्जिया, रसिया और फिलीपींस जैसी जगहों से करीब साढ़े 14 हजार छात्रों को बाहर निकाला।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X