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Interview:'नेशनल अवार्ड जीते 18 साल हो गए, अब नई चुनौतियां हैं!'- श्वेता बासु प्रसाद

अक्षित त्यागी, अमर उजाला, मुंबई Published by: anand anand Updated Mon, 08 Apr 2019 02:09 PM IST
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special interview of National Award winner actress Shweta Basu Prasad
shweta basu - फोटो : file photo
नागेश कुकूनूर की फिल्म इकबाल से हिंदी सिनेमा में शोहरत कमाने वाली श्वेता प्रसाद ने अपनी पहली ही फिल्म मकड़ी में बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवार्ड जीता। हाल ही में उन्हें फिल्म मर्द को दर्द नहीं होता में भी एक खास रोल में देखा गया। तमिल और तेलुगू सिनेमा ने उन्हें खासी इज्जत दी। अब उनकी नई फिल्म ताशकंद फाइल्स रिलीज हो रही है। अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी से श्वेता की एक खास मुलाकात।
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SHWETA BASU - फोटो : file photo
आपने हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्देशकों की फिल्मों में काम करने से मना किया और अदाकारी से लंबा ब्रेक लिया, इसकी वजह?

इकबाल के बाद मेरे पास राजकुमार संतोषी की हल्ला बोल और मधुर भंडारकर की ट्रैफिक सिगनल के प्रस्ताव आए थे। लेकिन, मैं पहले पढ़ाई पूरी करना चाहती थी। मैंने जर्नलिज्म से ग्रैजुएशन किया और 2012 से लेकर 2016 तक शास्त्रीय संगीत पर शोध के बाद एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई। इसके बाद मैं अनुराग कश्यप के साथ फैंटम फिल्म्स में काम करने लगी। मैं अभिनय छोड़ चुकी थी लेकिन अभिनय ने मुझे नहीं छोड़ा। एक शॉर्ट फिल्म के दौरान मुझे लगा कि मुझे एक्टिंग ही करनी चाहिए। तो मैंने चंद्रनंदिनी साइन किया। वह खत्म हुआ, उसके एक हफ्ते के अंदर ही मुझे ताशकंद फाइल्स के लिए कॉल आ गया।
 
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shweta prasad basu - फोटो : file photo
क्या किरदार निभा रहीं हैं आप ताशकंद फाइल्स में? 

मेरे किरदार का नाम है रागिनी फुले, जिसने अभी बस अपने करियर की शुरूआत ही की है। वह बहुती ही महत्त्वाकांक्षी पत्रकार है। बड़ी बड़ी हेडलाइन्स या किसी भी तरह के कांड का पर्दाफाश करने की फिराक में रहती है। एक दिन उसे ताशकंद फाइल्स मिलती हैं और उसकी ज़िंदगी एक बड़ा मोड़ लेती है। 
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shweta basu - फोटो : file photo
आपने 10 साल की उम्र में ही नेशनल अवॉर्ड पा लिया, अब आप फिर से खुद को जमाने के जतन कर रही हैं?

संघर्ष कभी नहीं रुकता, जिंगदगी का दूसरा नाम ही संघर्ष है और वही सीख भी देता है। मैं ना तो किसी एक्टिंग स्कूल गई हूं न ही कोई खास कोर्स किया है। जो भी सीखा है वह यहीं आकर या काम करते करते सीखा है। मैने 10 साल की उम्र में अवार्ड जीता लेकिन उस बात को 18 साल बीत गए। अब अलग अलग चुनौतियों हैं।
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shweta basu - फोटो : instagram
आगे की योजनाएं क्या हैं,  क्या वापस निर्देशन में जाने का इरादा है?

नहीं बिलकुल नहीं, अब कुछ डायरेक्ट नहीं करना। मुझे लिप्स्टिक लगाकर आराम से कैमरे के सामने अपनी लाइन्स बोलना ज्यादा पसंद है, एक्टिंग ही करूंगी। मेरी आने वाली फिल्म का नाम है जामुन है जो मैने रघुबीर यादव के साथ की है। उसमें मैं एक दिव्यांग का किरदार कर रहीं हूं। यह फिल्म सुंदरता के नए मायने बताती है। 
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