हिंदी फिल्मों के महान फिल्मकार और अभिनेता राज कपूर के बाद अगर शोमैन किसी और को कहा जाता है तो वह हैं फिल्मकार सुभाष घई। इसका कारण तो बिल्कुल साफ है। उन्होंने अपने पूरे फिल्मी करियर में गिनी चुनी फिल्मों का ही निर्देशन किया है और उनकी शुरुआती लगभग सभी फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। यह भी बात ज्ञात है कि सुभाष फिल्मों में हीरो बनने आए थे लेकिन जब उनका सिक्का वहां नहीं चला तो उन्होंने कैमरे के सामने आने का हठ त्याग कर कैमरे के पीछे रहकर ही अपने काम को अंजाम देना सही समझा। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको बताते हैं कि कौन सी फिल्मों ने सुभाष को शोमैन का दर्जा दिलाया।
Subhash Ghai: इन 10 बेहतरीन फिल्मों ने दिलाया शोमैन का तमगा, बनने आए थे सुपरस्टार
कालीचरण (1976)
फिल्मों में सुभाष घई ने अपने करियर की शुरुआत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ की थी। सुभाष और राजेश समेत लगभग पांच हजार लोगों ने एक प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें से तीन लोग चुने गए। उन तीन लोगों में दो तो सुभाष और राजेश थे। और तीसरे कलाकार रहे धीरज कुमार। इस प्रतियोगिता के कुछ समय बाद ही राजेश खन्ना को काम मिलना शुरू हो गया लेकिन सुभाष को काफी समय लगा। उन्होंने पहले तो 'तकदीर', 'आराधना' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। जब अभिनय में काम न बना तो सुभाष की रुचि फिल्म निर्देशन में हुई। उन्हें निर्देशन के लिए पहली फिल्म वर्ष 1976 की 'कालीचरण' मिली जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय, प्रेमनाथ, अजीत, मदन पुरी, डैनी डेंजोंगपा जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में रहे। इस फिल्म में निर्देशन का काम सुभाष को शत्रुघ्न सिन्हा की सिफारिश पर मिला था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई।
कर्ज (1980)
पहली फिल्म हिट होने के बाद सुभाष की शुरुआत अच्छी हो गई तो उन्होंने 'विश्वनाथ' और 'गौतम गोविंदा' जैसी फिल्में भी निर्देशित कीं। लेकिन, उन्हें दूसरी बड़ी कामयाबी वर्ष 1980 में आई फिल्म 'कर्ज' से मिली। इस थ्रिलर ड्रामा फिल्म में ऋषि कपूर, टीना मुनीम, सिमी ग्रेवाल, राज किरण, प्राण जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में रहे। फिल्म पुनर्जन्म की कहानी पर आधारित रही जो लोगों को बहुत पसंद आई। इस फिल्म के संगीत की बहुत तारीफ हुई। सुभाष घई की यह फिल्म दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के करियर की यादगार फिल्मों में शुमार है।
विधाता (1982)
वर्ष 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'विधाता' सुभाष घई के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस फिल्म ने सुभाष को शीर्ष फिल्मकारों की सूची में स्थान दिलाया। इस फिल्म में दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, संजीव कुमार, संजय दत्त, पद्मिनी कोल्हापुरी, अमरीश पुरी, सुरेश ओबेरॉय, सारिका जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसी फिल्म का असर हुआ कि सुभाष ने फिल्म 'मेरी जंग' को छोड़कर आगे की बाकी सभी फिल्में अपनी कंपनी मुक्ता आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनाईं। यहीं से सुभाष अभिनेताओं का करियर बदलने लगे।
हीरो (1983)
देव आनंद और मिथुन चक्रवर्ती की साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'स्वामी दादा' में जैकी श्रॉफ का काम देखकर सुभाष बहुत प्रभावित हुए। इसलिए, उन्होंने अपनी फिल्म 'विधाता' में एक छोटा सा किरदार जैकी को भी देना चाहा। लेकिन, जैकी श्रॉफ ने मना किया। जैकी ने सुभाष से गुजारिश की थी कि अब उन्हें सहायक अभिनेता का किरदार न दें। कुछ ऐसा करें जिससे कि उनका करियर आगे बढ़े। तब सुभाष ने जैकी से वादा किया और उन्होंने फिल्म 'हीरो' में जैकी को मुख्य अभिनेता के तौर पर लांच किया। यहीं से जैकी श्रॉफ मशहूर हो गए।