24 जनवरी 1945 को नागपुर, महाराष्ट्र जन्में सुभाष घई (Subhash Ghai) हिंदी सिनेमा में बहुत बड़ा नाम है। सुभाष घई का आज 74वां जन्मदिन (Birthday) है। 1976 में बतौर डायरेक्टर सुभाष घई की पहली फिल्म 'कालीचरण' आई। सुभाष घई कर्ज, मेरी जंग, हीरो, कर्मा, राम लखन, खलनायक, त्रिमूर्ति, परदेस, ताल और यादें जैसी फिल्मों से जाने जाते हैं।
सुभाष घई न सिर्फ अपनी इन खास फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपने खास ट्रेडमार्क अंदाज के साथ वह अकसर फिल्म के किसी सीन में भी जरूर नज़र आते हैं। 70 के दशक के आखिर में उनकी फिल्म 'क्रोधी' फ्लॉप हुई तो लोगों ने कहा कि उनका करियर खत्म हो गया लेकिन 'क्रोधी' के बाद उन्होंने विधाता, हीरो, कर्ज, राम-लखन जैसी बेहद कामयाब फिल्में दीं।
क्या आप जानते हैं सुभाष घई ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में की थी? 'उमंग' और 'गुमराह' जैसी फिल्मों में सुभाष घई बतौर अभिनेता नजर भी आये लेकिन, अभिनय में वो बात नहीं बनी तो वो डायरेक्शन में आ गए।
सुभाष घई ने जितनी हीरोईनों को बॉलीवुड में इंट्रोड्यूस किया उन सबका नाम अंग्रेजी के M अक्षर से शुरु होता था, क्योंकि, M शब्द को सुभाष घई लकी माना करते थे। फिल्म हीरो में उन्होंने मीनाक्षी शेषाद्री को इंड्रोड्यूस किया। राम लखन में माधुरी दीक्षित को तो सौदागर में मनीषा कोईराला को। इतना ही नहीं परदेश की हीरोइन रितु चौधरी का नाम बदलकर भी उन्होंने महिमा चौधरी रख दिया।
फिल्म विधाता की शूटिंग के समय का एक वाकया बताया जाता है। दरअसल सेट पर नशे में धुत्त संजय दत्त एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरी से बदतमीजी करने लगे थे, जिससे परेशान होकर पद्मिनी डर कर सेट छोडकर भाग गयीं। इस के बाद सुभाष घई पद्मिनी को समझा के वापस सेट पर लेकर आए पर संजय अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे थे। गुस्सा आकर सुभाष घई ने संजय दत्त को सबके सामने जडकर थप्पड जड़ दिया था।