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किस्सा: राज कपूर के फूल देने के तरीके से नाराज हो गईं थीं ये अभिनेत्री, अवॉर्ड लेने तक से किया था इनकार

Tue, 11 May 2021 09:38 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: स्वाति सिंह Updated Tue, 11 May 2021 09:38 AM IST
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Suchitra sen was angered by way Raj Kapoor gave flowers refused to receive the Dadasaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन

एक दौर था जब सुचित्रा सेन बांग्ला और हिंदी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेस हुआ करती थीं। इस अभिनेत्री ने अपनी दमदार अदाकारी से हर किसी को प्रभावित किया। शादी के पांच साल बाद फिल्मों में करियर की शुरुआत करने वाली सुचित्रा से ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। सुचित्रा सेन का छह अप्रैल 1931 में बांग्लादेश में जन्म हुआ था।  



सुचित्रा सेन का असली नाम रोमा दासगुप्ता है। सुचित्रा सेन ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया और अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। सुचित्रा सेन अपनी खूबसूरती और दमदार अदाकारी के चलते करोड़ों दिलों पर राज किया। एक बेहतरीन अभिनेत्री होने के साथ ही सुचित्रा सेन काफी स्वाभिमानी भी बताई जाती थी।  

Suchitra sen was angered by way Raj Kapoor gave flowers refused to receive the Dadasaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन - फोटो : Social Media

सुचित्रा सेन के पिता पाबना महानगर पालिका में सैनिटेशन ऑफिसर के पद पर नियुक्त थे, माता घर संभालती थीं। उनके दादा रजनीकांत सेन मशहूर कवि थे। 1947 में हुए भारत बंटवारे के वक्त उनके परिवार को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ा। सिर्फ 15 साल की उम्र में एक अमीर उद्योगपति आदिनाथ सेन के बेटे दीबानाथ सेन के साथ उनकी शादी हो गई।

Suchitra sen was angered by way Raj Kapoor gave flowers refused to receive the Dadasaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन - फोटो : Social media

सुचित्रा सेन को बचपन से ही कला का बहुत शौक था। वे अपने स्कूल के समय में भी नाटकों में खूब भाग लिया करती थीं। चूंकि उनके दादा एक कवि थे इसलिए उनसे भी सुमित्रा को खूब मदद मिलती थी। हालांकि उनके फिल्मी करियर की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से की थी। सबसे पहले उन्होंने 'शेष कोथाय' नाम की फिल्म में काम किया। बदकिस्मती से यह फिल्म कभी सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हो पाई।

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Suchitra sen was angered by way Raj Kapoor gave flowers refused to receive the Dadasaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन - फोटो : Social Media

सुचित्रा सेन ने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत विमल रॉय की फिल्म 'देवदास' से की थी। 1955 में आई इस फिल्म में वे हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े कलाकारों में से एक दिलीप कुमार के साथ मुख्य भूमिका में नजर आईं। दर्शकों ने उन्हें पारो के किरदार में खूब पसंद किया, साथ ही समीक्षकों ने उनके अभिनय को खूब सराहा। इस फिल्म में शानदार अभिनय करने के लिए सुचित्रा सेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया था। सुचित्रा सेन ने अपने पूरे फिल्मी करियर में मात्र सात हिंदी फिल्मों में ही काम किया है। देवदास के बाद उनकी सबसे चर्चित फिल्म 'आंधी' रही। इस फिल्म में निभाया उनका किरदार भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से काफी मेल खाता है। 

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Suchitra sen was angered by way Raj Kapoor gave flowers refused to receive the Dadasaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन - फोटो : Social Media

सुचित्रा बड़े से बड़े फिल्मकारों के साथ काम करने का प्रस्ताव ठुकराती रहीं। सुचित्रा ने राज कपूर की एक फिल्म में काम करने का प्रस्ताव इसलिए ठुकराया, क्योंकि राज कपूर द्वारा झुककर फूल देने का तरीका उन्हें पसंद नहीं आया था। यही नहीं उन्होंने साल 2005 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का प्रस्ताव महज इसीलिए ठुकरा दिया, क्योंकि इसके लिए उन्हें कोलकाता छोड़कर दिल्ली जाना पड़ता।

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