बॉलीवुड के बहुत से सितारे ऐसे रहें हैं जिनकी असल जिंदगी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी प्रेम कहानी की तरह हो गई थी। इसमें बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त का नाम भी शामिल है जिनकी नरगिस दत्त के साथ प्रेम कहानी ने काफी सुर्खियां बटोरीं थीं। 6 जून 1929 को वर्तमान पाकिस्तान के खुर्द नाम के गांव में जन्में सुनील दत्त बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता, निर्देशक और राजनेता थे। सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त था। उनका परिवार विभाजन के बाद 1947 में भारत आ गया था। उन्होंने पढ़ाई के बाद रेडियो सीलोन की हिंदी सेवा में एक रेडियो जॉकी के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में काम करने का मन बनाया और बॉलीवुड में आ गए।
कहानी फिल्मी है: पहली मुलाकात से आखिरी वादे तक, ऐसे परवान चढ़ी थी सुनील-नरगिस दत्त की मोहब्बत
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सुनील दत्त और नरगिस की प्रेम कहानी की शुरूआत उस रेडियो स्टेशन से हुई थी जहां नरगिस इंटरव्यू के लिए पहुंची थी और सवालों की लिस्ट थामे सुनील दत्त उनका इंतजार कर रहे थे। रेडियो जॉकी का काम कर रहे सुनील दत्त तब फिल्मों में नहीं आए थे और नरगिस बॉलीवुड की बड़ी अभिनेत्री बन चुकींं थी। बताते हैं कि इंटरव्यू के दौरान नरगिस को देखकर सुनील दत्त इतने नर्वस हो गए थे कि सवाल ही नहीं पूछ पाए थे। ये सुनील और नरगिस के प्यार की शुरूआत तो नहीं हां, आधार जरूर थी। इसके बाद नरगिस और सुनील की दूसरी मुलाकात हुई थी बिमल रॉय की फिल्म 'दो बीघा जमीन' के सेट पर। सुनील दत्त वहां पहुंचे थे और नरगिस बिमल रॉय से मिलने आईं थीं। ऐसे में जब दोनों आमने सामने आए तो उन्हें पिछली मुलाकात याद आ गई। सुनील दत्त को देखकर नरगिस मुस्कुराते हुए आग बढ़ गईं।
उससे भी दिलचस्प बात ये हुई कि महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया' में सुनील दत्त को नरगिस के बेटे का रोल मिल गया। शूटिंग के दौरान सुनील बार-बार नरगिस को देखकर लाइन भूल जाते और अभिनय नहीं कर पाते थे। इस दौरान नरगिस ने उनकी मदद की जिससे वो आराम से एक्टिंग कर सकें। नरगिस के इस व्यवहार से सुनील दत्त काफी प्रभावित हो गए थे। बताते हैं कि पहले सुनील दत्त का रोल दिलीप कुमार को मिलने वाला था लेकिन उन्होंने काम करने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि नरगिस उनकी हीरोइन हैं वो बेटे का रोल कैसे कर सकते हैं। हालांकि महबूब खान ने दिलीप कुमार को डबल रोल ऑफर किया बाप और बेटे का, लेकिन दिलीप नहीं माने।
नरगिस और सुनील दत्त के जीवन में बच्चे आए और उनके जीवन में खुशियां भर गईं। हालांकि संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' के रिलीज होने से पहले नरगिस को कैंसर हो गया। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन वो हमेशा दर्द में रहती थीं। उन्होंने कहा था कि वो कुछ भी हो जाए वो अपने बेटे की पहली फिल्म देखेंगी। संजय दत्त की फिल्म 8 मई को रिलीज होनी थी, लेकिन नरगिस 3 मई को चल बसीं। हालांकि सुनील दत्त ने नरगिस से किया वादा निभाया। जिस दिन फिल्म का पहला शो था उस दिन सुनील दत्त ने एक सीट खाली रखी थी, वो सीट नरगिस दत्त के लिए थी।

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