सलमान खान, ईद का मौका और कबीर खान का डायरेक्शन। एक फिल्म को सुपरहिट होने के लिए और क्या चाहिए। लेकिन ये तीन चमत्कारिक चीजें भी 'ट्यूबलाइट' को फ्यूज होने से नहीं बचा पाई। दसवें दिन तो फिल्म ने महज तीन करोड़ की कमाई की। इतनी कम कमाई वाकई सलमान की स्टारडम के लिए खतरे की घंटी है।
सलमान के लिए गले की घंटी बनी 'ट्यूबलाइट', दसवें दिन की कमाई ने उड़ा दिए होश
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बॉक्सऑफिस इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने पहले हफ्ते 1,02,5700,000 रुपए की कमाई की। वहीं दूसरे हफ्ते शुक्रवार को 2 करोड़, शनिवार को 2.5 करोड़ और रविवार को लगभग 3 करोड़ की ही कमाई कर पाई। इस तरह से दूसरे हफ्ते का आंकड़ा 7.5 करोड़ पहुंच गया।
सवाल उठ रहा है कि क्या ट्यूबलाइट सलमान खान के चढ़ते स्टारडम के लिए ढलान का काम कर रही है। 'बजरंगी भाईजान' और 'सुल्तान' की ताबड़ताड़ कमाई के बाद ट्यूबलाइट में सलमान के अभिनय पर भी सवाल उठे हैं।
कुछ समीक्षकों ने फिल्म का सबसे बुरा पार्ट सलमान को ही बता दिया है। वैसे सलमान अच्छे अभिनेता हैं लेकिन ट्यूबलाइट के वक्त उनका अभिनय दिख नहीं रहा है।
हर ईद पर ब्लॉक बस्टर देने वाले सलमान की अब तक की सबसे फीकी ईद साबित हुई है। ट्यूबलाइट रेंग रेंग कर चल रही है और उतना ही पारा सलमान का चढ़ रहा होगा।
वक्त आ गया है कि सलमान खान अब स्टारडम के साथ साथ कुछ एक्सपेरिमेंटल रोल भी करें जैसे आमिर खान कर रहे हैं। खुद को फिल्म का फोकस बनाने की बजाय दमदार सपोर्टिंग रोल जो दर्शकों को पसंद आएं।
कुछ ऐसा ही हाल शाहरुख खान के साथ पिछले कुछ सालों में रहा जब 'रॉ वन', 'हैप्पी न्यू ईयर' में हीरो जैसे रोल करने के चलते शाहरुख को लगभग नकार दिया गया। कमाई ही सब कुछ नहीं होती, जनता की नजर में स्टारडम को कायम रखना भी सुपरस्टारों के लिए चुनौती भरा काम है।
सलमान के साथ साथ शाहरुख को भी आमिर खान से सीखते हुए अब हीरो जैसे रोल बंद करके कुछ नया सोचना चाहिए जो दर्शकों को रोमांचित करे और सोचने पर मजबूर करे।