अभिनेत सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बहुत से लोग बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के कड़वे सच के बारे में बात कर रहे हैं। साथ ही यह भी बता रहें हैं कि चुंनिदा लोगों की वजह से बहुत से कलाकारों का करियर कैसे खत्म हो जाता है। अब मशहूर निर्माता- निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप ने बॉलीवुड की काली सच्चाई बताई है। साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में अपने नाकामी के लिए अभिनेता सलमान खान और उनके परिवार पर आरोप लगाया है। अभिनव सिंह कश्यप ने यह आरोप महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले के बाद लगाया है, जब महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के हर पहलू की जांच करने की बात कही है। अभिनव सिंह कश्यप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट लिखा है। उन्होंने अपने पोस्ट में सलमान खान के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनव सिंह कश्यप ने पोस्ट की शुरुआत करते हुए लिखा- 'सुशांत की आत्महत्या ने इंडस्ट्री की उस बड़ी समस्या को सामने लाकर रख दिया है, जिससे हममें से कई लोग डील करते हैं। वैसे सच में ऐसी कौन सी वजह हो सकती है जो किसी को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दे? मुझे डर है कि उनकी मौत से #metoo की तरह एक बड़े अभियान की शुरुआत न हो'।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद अभिनव कश्यप ने सलमान खान के परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- 'मेरा करियर बर्बाद किया'
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वह आगे लिखते हैं 'सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने यशराज फिल्म्स के टैलंट मैनजमेंट एजेंसी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं, जिसने हो सकता है उन्हें आत्महत्या के लिए प्रेरित किया हो। यह जांच अधिकारियों को करनी है, लेकिन यह लोग आपका करियर नहीं बनाते, आपके करियर को बर्बाद कर देते हैं। एक दशक से तो मैं खुद यह सब बर्दाशत कर रहा हूं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि बॉलीवुड का हर टैलंट मैनजर और सभी टैलंट मैनेजमेंट एजेंसी कलाकारों के लिए मौत का फंदा होती हैं। सबसे पहले तो मुंबई के बाहर से आए प्रतिभाशालियों को इन टैलंट स्काउट (कास्टिंग डायरेक्टर) वगैरह का सामना करना पड़ता है, जो लोग अपने छोटे- मोटे संपर्कों के बदले सीधे कमीशन मांगने लगते हैं। इन प्रतिभाशालियों को बॉलीवुड पार्टियों में जाने का लालच दिया जाता है और फिर ऐसे ही किसी रेस्त्रां में लंच वगैरह के बहाने उन्हें सितारों से मिलवाया जाता है। सितारों की चकाचौंध और आसानी से पैसा कमाने का खेल शुरू हो जाता है, जिसके बारे में उसने कभी सोचा नहीं था। इन पार्टियों में प्रतिभाशाली लोगों को यह सभी नजरअंदाज करते हैं और उनके साथ बुरा व्यवहार होता है ताकि वे हतोत्साहित महसूस करें और उनका आत्मविश्वास चकनाचूर हो जाए।
जब उनका आत्मविश्वास टूट जाता है तो यह कास्टिंग डायरेक्टर्स उन्हें कई सालों के अनुबंध की पेशकश देते हैं और इस फील्ड के दरिंदों से बचाने का वादा कर या फिर छोटा-मोटा लालच देकर इसे साइन करने के लिए दबाव बनाते हैं। याद रखिए कि ऐसे अनुबंध को तोड़ने का मतलब है इन उभरते प्रतिभाशालियों के लिए भारी आर्थिक जुर्माना है। यह स्काउट अपनी दादागीरी दिखाकर ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को यकीन दिला देते हैं कि उनके पास इसे साइन करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। पिछले कई सालों से ऐसा ही होता आ रहा है, किसी भी कलाकार की प्रतिभा को बार-बार तब तक तोड़ा जाता है जब तक कि वह आत्महत्या न कर ले या फिर प्रॉस्टिट्यूशन / एस्कॉर्ट सर्विस (मेल एस्कॉर्ट) का शिकार न हो जाए, जो अमीर और पावरफुल लोगों की जरूरतों को पूरा करता हो। हालांकि, ऐसा केवल बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि कॉर्पोरेट जगत और राजनीति में भी यही होता है'।
अपने बुरे अनुभव को साझा करते हुए अभिनव सिंह कश्यप ने पोस्ट में आगे लिखा, 'मेरा अनुभव भी इन सब चीजों से अलग नहीं रहा। मैंने भी शोषण और दादागीरी को झेला है। 'दबंग' के समय अरबाज खान और उसके बाद से हमेशा। यहां मैं बता रहा हूं 'दबंग' के बाद के अगले 10 साल की कहानी। 10 साल पहले 'दबंग 2' की मेकिंग से मेरे बाहर निकलने की वजह यह थी कि अरबाज खान और सोहेल खान अपने परिवार के साथ मिलकर मेरे करियर पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे और मुझे काफी डराया- धमकाया गया। अरबाज ने मेरा दूसरा प्रॉजेक्ट भी खराब कर दिया था जो कि श्री अष्टविनायक फिल्म्स का था, जिसे मैंने उसके मालिक मिस्टर राज मेहता के कहने पर साइन किया था। उन्हें मेरे साथ काम करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। मैंने श्री अष्टविनायक फिल्म्स को पैसे वापस दे दिए और फिर मैं वायकॉम पिक्चर्स में गया। उन्होंने भी ऐसा ही किया। बस इस बार नुकसान पहुंचाने वाले सोहेल खान थे और उन्होंने वहां के सीईओ विक्रम मल्होत्रा को धमकी दी। मेरा प्रॉजेक्ट खत्म हो चुका था और मैंने साइनिंग फीस 7 करोड़ रुपये, 90 लाख ब्याज के साथ लौटाए। इसके बाद मुझे बचाने के लिए रिलायंस एंटरटेन्मेंट सामने आया हमने साझेदारी में फिल्म 'बेशरम' पर काम किया'।
My appeal to the Government to launch a detailed investigation. Rest in peace Sushant Singh Rajput… Om Shanti.. But...
Posted by Abhinav Singh Kashyap on Monday, 15 June 2020
अनुभव ने आगे लिखा, 'इसके बाद सलमान खान के परिवार ने फिल्म की रिलीज में रोड़े अटकाने शुरू कर दिए थे। 'बेशरम' की रिलीज से ठीक पहले उनके पीआरओ ने मुझपर खूब कीचड़ उछाले और मेरे खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाया। हालात यह हो गए कि वितरक मेरी फिल्म खरीदने से डर गए। खैर, रिलायंस इंडस्ट्री और मुझमें इस फिल्म को रिलीज करने की क्षमता थी, लेकिन यह लड़ाई शुरू हो चुकी थी। मेरे दुश्मन मेरे खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाते रहे और फिल्म के बारे में बुरा कहते रहे ताकि यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाए, लेकिन यह किसी तरह से 58 करोड़ कमा गई, लेकिन उनकी लड़ाई जारी रही। उन्होंने फिल्म की सैटेलाइट रिलीज पर भी रोक लगाने की कोशिश की जो कि पहले ही जी टेलीफिल्म्स के जयंती लाल को बेचा जा चुका था। हालांकि, रिलायंस के साथ अच्छे संबंध की वजह से सैटेलाइट राइट्स को लेकर मोल-भाव हो गया, लेकिन काफी कम पैसों में'।
'इसके बाद कई सालों तक मेरे कई प्रोजेक्ट्स अटक गए और मुझे मारने के साथ मेरे घर की महिलाओं को रेप तक की धमकियां मिलने लगी। ऐसे में मेरे और परिवार के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा चोट पहुंची। मेरा तलाक हो गया, मेरा परिवार साल 2017 में पूरी तरह से बिखर गया। उन्होंने यह धमकियां अलग-अलग नंबर से मैसेज के जरिए दी थी। मैं सबूत के साथ साल 2017 में एफआईआर दर्ज करवाने पुलिस थाने पहुंचा लेकिन उन्होंने एफआईआर करने से इनकार कर दिया। और ऐसी धमकियां आती रहीं तो मैंने पुलिस पर दबाव बनाया कि वह मैसेज भेजने वाले का पता लगाएं तो वह उन्हें (सोहेल खान- जिसपर मुझे मैसेज भेजने का शक था) ढूंढ नहीं पाए। मेरी शिकायत अब भी ओपन है जबकि मेरे पास पुख्ता सबूत हैं। मेरे दुश्मन काफी चालाक है। मुझपर हमेशा छिपकर वार करते हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि मुझे इन 10 सालों में पता लग गया है कि कौन मेरे दुश्मन हैं। मैं आपको बता दूं कि ये सलीम खान, सलमान खान, अरबाज खान और सोहेल खान हैं। वैसे तो छोटी-मोटी कई मछलियां हैं लेकिन सलमान खान का परिवार इस जहरीले तालाब का मुखिया है। वह किसी को भी डराने-धमकाने के लिए अपने पैसे, राजनीतिक ताकत और अंडरवर्ल्ड की ताकतों का मिलाकर इस्तेमाल करते हैं। दुर्भाग्य से सच्चाई मेरी तरफ है और मैं सुशांत सिंह राजपूत की तरह हथियार नहीं डालने वाला। मैंने घुटने टेकने से इनकार कर दिया और तब तक लडूंगा जब तक कि या तो वह लोग या फिर मैं खत्म न हो जाएं। बहुत हो गया बर्दाश्त, अब समय लड़ने का है। यह धमकी नहीं है, यह खुली चुनौती है। सुशांत सिंह राजपूत आगे निकल गए और उम्मीद करता हूं कि वह जहां भी होंगे ज्यादा खुश होंगे, लेकिन मैं यकीन दिलाता हूं कि अब कोई मासूम बॉलीवुड में सम्मान के साथ काम न मिलने पर अपनी जान नहीं देगा। आशा करता हूं कि जो कलाकार इस सच को झेल चुके हैं वह मेरे पोस्ट को अलग-अलग सोशल प्लेफॉर्म पर शेयर करेंगे।- अभिनव सिंह कश्यप'। सोशल मीडिया पर अभिनव सिंह कश्यप का यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।
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