बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने जब से नाना पाटेकर, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री और गणेश आचार्य पर यौन शोषण का आरोप लगाया है तब से फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मच गया है। हिंदी सिनेमाजगत का एक हिस्सा तनुश्री का सपोर्ट कर रहा है तो वहीं कुछ लोग इस मामले पर कुछ भी कहने से कतराते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच तनुश्री को नाना पाटेकर और विवेक अग्निहोत्री ने एक साथ लीगल नोटिस भेज दिया है। इस लीगल नोटिस की जानकारी खुद तनुश्री ने एक बयान में दी है जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिलनी शुरू हो गई है।
नाना और विवेक से नोटिस मिलने पर भड़कीं तनुश्री, बोलीं- 'सच बोलने की सजा मिलनी शुरू हो गई'
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तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर साल 2008 में फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के सेट पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही तनुश्री ने कहा था कि निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने उन्हें फिल्म चॉकलेट की शूटिंग के दौरान कपड़े उतारकर डांस करने को कहा था। तनुश्री के इन आरोपों के बाद अब नाना और विवेक अग्निहोत्री ने लीगल नोटिस भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक यह दोनों नोटिस तनुश्री को एक दिन में ही मिले हैं।
लीगल नोटिस मिलते ही तनुश्री ने आधी रात को बयान जारी किया। तनुश्री ने कहा - 'उन्हें सच बोलने की सजा मिलनी शुरू हो गई है। कानूनी पचड़ों की वजह से 10 साल पहले भी सब कुछ छोड़कर अमेरिका चली गई थी। आज एक बार फिर से वैसा ही माहौल बन गया है। अगर इस मामले के लीगल पचड़ों में उलझूंगी तो यह नई जिंदगी कोर्ट- कचहरी के चक्कर में बीत जाएगी। इसी वजह से भारत में #metoo जैसे कैंपेन नहीं होते।'
तनुश्री ने आगे कहा - 'आज मुझे 2 लीगल नोटिस भेजे गए हैं। पहला नोटिस नाना पाटेकर की तरफ से और दूसरा विवेक अग्निहोत्री की तरफ से। शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुकानी पड़ रही है। भारत में अपमान और अधर्म हो रहा है। यह दोनों मेरे खिलाफ गलतफहमी फैला रहे हैं। जो लोग उनका साथ दे रहे हैं वह मेरे खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कल दोपहर मेरी सुरक्षा में तैनात जब पुलिस वाले खाना खाने गए थे तो दो अंजान लोगों ने घर में घुसने की कोशिश की थी। हालांकि अपॉर्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड की वजह से वह मुझ तक नहीं पहुंच पाए।'
तनुश्री ने बयान में आगे कहा- 'जो भी हो रहा है मुझे सिर्फ मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान और कमजोर करने की वजह से हो रहा है। यौन शोषण से जुड़े मामलों में तारीख मिलती है, पर नतीजा नहीं मिलता। पीड़ित को हमेशा न्याय का इंतजार करना पड़ता है। जो आज मेरे साथ हो रहा है 10 साल पहले भी हो रहा था। उस वक्त मैं देश से बाहर चली गई थी। दोबारा वही सब हो रहा है। नई जिंदगी खराब हो जाएगी। इसी वजह से भारत में इस तरह का #metoo कैंपेन नहीं होता।'