अभिनेता नाना पाटेकर और विवेक अग्निहोत्री पर यौन शोषण के आरोप लगाकर बॉलीवुड में तहलका मचाने वाली तनुश्री की खास दोस्त कोइना मित्रा ने बॉलीवुड का कच्चा चिट्ठा खोला है। उसने और तनुश्री ने करीब-करीब एक साथ ही फिल्मों में काम शुरू किया था। कोइना अभी भी फिल्मों में एक्टिव हैं और तनुश्री की दोस्त हैं। हालांकि दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया लेकिन दोनों साथ में शोज और इवेंट्स में जाती थीं। तनुश्री और नाना मामले पर कोएना ने भी अपनी बात रखी है। वे कहती हैं कि हमें ये गुंडागर्दी रोकने की जरूरत है। हमें इंडस्ट्री में पुरुषों को चीजें निर्देशित करने से रोकने की जरूरत हैं।
तनुश्री की करीबी दोस्त ने खोला बॉलीवुड का कच्चा चिट्ठा, बोलीं-आपको झुकने की जरूरत
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कोएना कहती हैं कि सुनिए मैं न तो आदमियों से नफरत करने वाली हूं और न ही नारीवादी, लेकिन चूंकि मैं इस इंडस्ट्री का काफी लंबे समय तक हिस्सा रही हूं तो इसीलिए मैं जानती हूं कि यहां कैसे काम होता है। मेनस्ट्रीम फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली एक्ट्रेसेस के तौर पर मैं खुले रूप से ये बात कह सकती हूं कि यहां आपको पुरुषों के अधीन रहना पड़ता है अगर आपको काम चाहिए। उनके आदेशों का पालन करना होगा। आपको खुद को छोटे दिखाने की जरूरत होती है ताकि पुरुष बड़ा दिख सके। आपको पुरुषों को सुनने के लिए खुद चुप रहने की जरूरत होती है। आपको झुकने की जरूरत है।
यह बात सिर्फ तनुश्री की नहीं है, लेकिन इतनी सारी लड़कियां हैं और शायद कई ऐसी कहानियां हैं जिन्हें वो ध्यान न मिले जो मंच न मिले जो उन्हें मिला है। कोएना मानती हैं कि इंडस्ट्री में पुरुषों के एकाधिकार को बदलने की जरूरत है। क्या वे एक महिला के बिना फिल्म बना सकते हैं। यदि नहीं तो फिर महिलाएं को कम भुगतान क्यों दिया जाता है, क्यों महिलाओं को भी उनकी तरह का व्यवहार नहीं मिलता। मुझे पता है कि इन सभी चीजों को कहना मेरे लिए आसान है, लेकिन मुझे वास्तव में यह समस्या महसूस हो रही है जो कि सिर्फ फिल्म उद्योग तक ही सीमित नहीं है, यह एक मानसिकता का मुद्दा है जिसे बदलने की जरूरत है।
इसके अलावा उत्पीड़न से ज्यादा रोटी छीनने, काम न मिलने की धमकी को वो ज्यादा बड़ा खतरा मानते हुए कहती हैं। इंडस्ट्री में कई ऐसे नाम हैं जो आत्मविश्वास से कहते हैं, मैं देखूंगा कि आपको कौन काम देगा। ये वे पुरुष हैं जो आपको काम न मिल सके इसके लिए किसी भी हद तक चले जाएंगे। लेकिन मैं आपको बता दूं कि यह उद्योग किसी की जागीर नहीं है और न ही शासन करने की कोई चीज है। आप किसी महिला को बंद नहीं कर सकते और न ही उसे धमकी दे सकते हैं कि मैं आपकी रोटी छीन लूंगा अगर आप मेरी बात का पालन नहीं करोगे। भला एक निर्माता कैसे लाखों लोगों की नियति लिख सकता है जो इंडस्ट्री में आना चाहते हैं।
भला कैसे एक बड़ा एक्टर ये फैसला ले सकता है कि कौन सी एक्ट्रेस उसके साथ काम करती है या नहीं। यह रवैया बीमारी वाला है। अंत में कोइना ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा मुझे नहीं लगता कि कोई भी एक्टर, डायरेक्टर या प्रोड्यूसर मास्टर या तानाशाह है कि वो तय करेगा कि कौन काम करेगा और कौन नहीं। मुझे लगता है कि इस पूरे मामले में जो सबसे ज्यादा शक्तिशाली है वो है आम आदमी यानी की जनता। उन्हें पुरानी आदतों को तोड़ने, रूढ़िवादी रवैये को खत्म करने और बदलाव लाने की जरूरत है। हम क्यों कोर्ट जाएं, जनता के हाथों में मामला दें और उन्हें राक्षसी लोगों और सही लोगों में से चुने और फैसला करें।