हमेशा से कहा जाता है कि बॉलीवुड फिल्में असल जिंदगियों से प्रेरित रहती हैं। कहानियां भले ही काल्पनिक हों लेकिन हर चरित्र किसी ना किसी से प्रेरित रहता है। ऐसे ही टेलीविजन धारावाहिक भी किसी ना किसी कहानी से प्रेरित रहते हैं। कई टेलीविजन धारावाहिक बॉलीवुड फिल्मों से ही प्रेरित रहते हैं। इस पैकेज में हम आपको ऐसे ही कुछ धारावाहिकों के बारे में बताएंगे जो किसी ना किसी फिल्म से प्रेरित होकर बनाए गए हैं।
हिंदी फिल्मों की कहानी से प्रेरित हैं ये टेलीविजन धारावाहिक, कुछ का तो लुक भी कर दिया एकदम सेम
परदेस- परदेस में है मेरा दिल
शाहरुख खान और महिमा चौधरी की फिल्म 'परदेस' और दृष्टी धामी का टीवी शो 'परदेस में हैं मेरा दिल' इन दोनों की कहानी एक जैसी ही थी। नैना बत्रा विदेश जाती है जहां उसकी शादी की बात वीर से चल रही है। लेकिन नैना को राघव से प्यार हो जाता है जो वीर का दूर का रिश्तेदार होता और उनके साथ ही विदेश में रह रहा होता है।
रब ने बना दी जोड़ी- दो हंसों का जोड़ा
शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' से प्रेरित होकर इमेजिन टेलीविजन पर धारावाहिक 'दो हंसों का जोड़ा' बनाया गया था। इस धारावाहिक की कहानी पूरी तरह से फिल्म से जुड़ी थी। जिस तरह फिल्म में अनुष्का की शादी सुरिंदर से बिना उनकी पसंद के हो जाती है। वैसे ही इस धारावाहिक में प्रीती की शादी सूर्यकमल से बिना पसंद के हो जाती है। वहीं धीरे- धीरे प्रीती भी सूर्यकमल को पसंद करने लगती है।
चोरी- चोरी चुपके- चुपके और दिल से दिल तक
सिद्धार्थ शुक्ला, रश्मि देसाई और जैस्मिन भसीन के सीरियल 'दिल से दिल तक' की कहानी भी कुछ कुछ वैसी ही रही जैसी सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीती जिंटा की फिल्म 'चोरी चोरी चुपके चुपके' की है। सीरियल में मेन लीड मां नहीं बन सकती है उसके बाद वो परिवार की चोरी से किसी और की मदद से मां बनना चाहती है। जैसा की फिल्म में दिखाया गया है। वो जिसे सेरोगेट मदर बनाकर लाती है उस लड़की को मेन लीड के पति से प्यार हो जाता है।
नामकरण- जख्म
'नामकरण' की कहानी फिल्म 'जख्म' की कहानी से मिलती जुलती थी जहां मुस्लिम का अफेयर एक हिंदू व्यक्ति से होता है और हिन्दू परिवार के लोग मुस्लिम होने की वजह से उन्हें स्वीकार नहीं करते।