कहावत है कि दूर के ढोल सुहावने और ये कहावत फिल्म इंडस्ट्री पर एकदम सटीक बैठती है। इसकी चकाचौंध में लोग इतना खोए रहते हैं कि एक-दूसरे का ना तो ख्याल रहता है और ना ही अता-पता। कई ऐसे कलाकार रहे जिन्होंने गुमनामी में अपनी जिंदगी बिता दी और कई तो आज भी गुमनामी के अंधेरे में ही जी रहे हैं। ऐसी ही एक हीरोइन हैं अनु अग्रवाल।
पहली फिल्म से रातोंरात स्टार बनी थी ये हीरोइन, ग्लैमर से दूर जी रही है ऐसी जिंदगी
ये अनु वही हैं जो महेश भट्ट की फिल्म 'आशिकी' में लीड रोल में नजर आई थीं। इस फिल्म के बाद ये हीरोइन रातोंरात स्टार बन गईं लेकिन आज ये हीरोइन बेहद खराब जिंदगी बिता रही है।
पहली फिल्म से रातोंरात स्टार बनी थी ये हीरोइन, ग्लैमर से दूर जी रही है ऐसी जिंदगी
आज ये हीरोइन स्टारडम से काफी दूर बिहार के मुंगेर इलाके में अपनी जिंदगी व्यतीत कर रही है और इंडस्ट्री से कोई भी उनकी खोज-खबर लेने वाला नहीं है। पहली फिल्म की सफलता के बाद भी अनु अग्रवाल ने तकरीबन नौ सालों तक फिल्म पाने के लिए काफी मशक्कत की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पहली फिल्म से रातोंरात स्टार बनी थी ये हीरोइन, ग्लैमर से दूर जी रही है ऐसी जिंदगी
लेकिन 1999 में उनकी जिंदगी तब पूरी तरह से बदल गई जब उनका एक्सीडेंट हुआ। ये उनकी जिंदगी का सबसे बुरा पड़ाव था क्योंकि इस एक्सीडेंट में अनु अग्रवाल की ना सिर्फ याददाश्त चली गई बल्कि 29 दिनों तक कोमा में रहीं। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी तबियत में सुधार हुआ और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से अलविदा कह दिया।
पहली फिल्म से रातोंरात स्टार बनी थी ये हीरोइन, ग्लैमर से दूर जी रही है ऐसी जिंदगी
अनु अग्रवाल ने शादी भी नहीं की और अकेले ही बिहार के मुंगेर में अपनी जिंदगी बिता रही हैं। आज अनु अग्रवाल बिहार में लोगों को योगा सिखाती हैं। इसके अलावा वो भारोत्तक (पावर लिफ्टर) भी रही हैं और कई भारोत्तलन प्रतियोगिताओं में भाग भी लिया है।