अमिताभ बच्चन पिछले कुछ दिनों से मुंबई के लीलावती अस्पताल में कोरोना संक्रमित होने की वजह से भर्ती हैं। अच्छी बात ये है कि अमिताभ की तबीयत में काफी सुधार है और इस बात की जानकारी खुद वो ही कई दफा सोशल मीडिया पर दे चुके हैं। वैसे अमिताभ बच्चन हरफनमौला शख्सियत के मालिक हैं। ऐसा कई बार हो चुका है जब वो अपनी बातों से ही महफिल लूट लेते हैं। ऐसे में आज आपको बताते हैं अमिताभ का एक मजेदार किस्सा जब उन्होंने कहा था कि क्या मुझे अब काम बंद कर देना चाहिए।
जब दादा साहब फाल्के पुरस्कार लेने के बाद अमिताभ ने पूछा था ये मजेदार सवाल, सब लगे थे हंसने
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दरअसल 29 दिंसबर 2019 को अमिताभ बच्चन ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दादा साहब फाल्के पुरस्कार ग्रहण किया था। दादा साहेब फाल्के को भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड माना जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अवॉर्ड लेने के बाद अपने संबोधन में अमिताभ ने फिल्म उद्योग के लोगों और भारत की जनता को धन्यवाद दिया था।
इसके बाद अपने संबोधन में अमिताभ ने कहा, "ईश्वर की कृपा रही है, माता-पिता का आशीर्वाद रहा है, फिल्म उद्योग के निर्माता-निर्देशकों और सह-कलाकारों का भी साथ रहा है लेकिन सबसे ज्यादा भारत की जनता का स्नेह और निष्ठापूर्ण प्रोत्साहन रहा है जिसकी वजह से मैं आपके सामने खड़ा हूं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की स्थापना आज से 50 साल पहले हुई थी और इतने ही साल मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है, इसके लिए मैं आभारी हूं। मैं इस पुरस्कार को बहुत ही विनम्रता से स्वीकार करता हूं> अपना आभार प्रकट करता हूं और नमस्कार करता हूं।'
इसके बाद अमिताभ ने अपने अनोखे अंदाज में आगे कहा था, 'अंत में जाने से पहले एक छोटी से बात कहना चाहूंगा, अगर आपकी आज्ञा हो तो। जब इस पुरस्कार की घोषणा हुई तो मेरे मन में संदेह उठा और धृष्टता के लिए क्षमा प्रार्थी हूं, कि क्या कहीं ये मेरे लिए संकेत है कि भाई साहब आपने बहुत काम कर लिया अब आप घर बैठिए। क्योंकि देवियों और सज्जनों, अभी काम बाकी है जिसे पूरा करना है और आगे ऐसी संभावनाएं बन रही हैं जहां मुझे काम करने का अवसर मिलेगा। तो यदि इसकी पुष्टि हो जाए तो बड़ी बात होगी होगी।'
#WATCH: Amitabh Bachchan says,"Jab iss puruskar ki ghoshna hui to mere mann mein ek sandeh utha. Ki kya kahin ye sanket hai mere liye ki bhai sahab aapne bahut kaam kar liya, ab ghar baith ke aaram kar lijiye. Kyunki abhi bhi thoda kaam baki hai jise mujhe poora karna hai." pic.twitter.com/pdKXH2RSfr
जब अमिताभ यह कह रहे थे तो सभागार में मौजूद लोग मुस्कुरा रहे थे। उनके संबोधन के आखिर में सभी ने तालियां बजाईं, जिसके बाद आखिर में कार्यक्रम की उद्घोषिका ने कहा, "भारत का दर्शक आपको आराम नहीं करने देगा।' गौरतलब है कि अमिताभ की पहली फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' थी, जो साल 1969 में रिलीज हुई थी। इसके बाद से ही अमिताभ सिनेमा में पूरी तरह से सक्रिय बने हुए हैं।