उमा देवी को टुन टुन के नाम से भी जाना जाता है। उमा देवी को हास्य कलाकार के रूप में भी जाना जाता है। उन्हें गायन से पहचान मिली। इसके बाद वे नमक हलाल, लोक परलोक जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। उमा देवी की आज 24 नवंबर को पुण्यतिथि है। आइए आपको बताते हैं मुंबई में काम की शुरुआत से टुन टुन नाम मिलने तक पूरी कहानी।
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उमा देवी टुन टुन
- फोटो : स्क्रीनग्रैब
ऐसा रहा उनका बचपन
उमा देवी खत्री का जन्म 11 जुलाई 1923 में हुआ था, जब वह ढाई साल की थीं, तभी उनके माता-पिता का निधन हो गया था। उमा देवी के भाई की भी बचपन में ही हत्या कर दी गई थी। उन्होंने एक बातचीत के दौरान खुद ये बातें बताईं थीं। उमादेवी को उनकी ही नौकरानी ने पाला। हालांकि, उन्हें बचपन में बहुत सारे कष्टों और परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
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उमा देवी टुन टुन
- फोटो : स्क्रीनग्रैब
घर से भागकर आईं मुंबई
उमा देवी उस दौर में अपने घर से भाग कर मुंबई आ गईं। उमा देवी मुंबई में नौशाद अली से मिलीं। नौशाद से उन्होंने काम करने के बारे में बात की। नौशाद ने मना किया तो उमा देवी ने धमकी दे डाली कि काम नहीं देंगे तो वे समुद्र में डूबकर जान दे देंगीं। नौशाद ने उन्हें काम दिया। उमा ने 'अफसाना लिख रही हूं दिल-ए-बेकरार का', 'ये कौन चला मेरी आंखों में समा कर', 'आज मची है धूम झूम खुशी से झूम' जैसे प्रसिद्ध गाने गाए।
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उमा देवी टुन टुन
- फोटो : स्क्रीनग्रैब
दिलीप कुमार ने दिया ये नाम
दिलीप कुमार के साथ फिल्मों में नजर आईं थीं। दिलीप कुमार ने ही उमा देवी को टुन टुन नाम दिया था। टुन टुन नाम मिलने के बाद वे इसी नाम से जानी जाती थीं। उमा देवी या टुन टुन के गाने सुनकर मोहन उनसे मिलने मुंबई आ गए थे। उमा देवी के गाने सुनकर ही वे उन्हें दिल दे बैठे थे। वे मुंबई आकर उनके साथ ही रहने लगे। उमा देवी के चार बच्चे हुए।
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उमा देवी टुन टुन
- फोटो : स्क्रीनग्रैब
इन फिल्मों में काम कर चुकी हैं टुनटुन
टुनटुन गुरुदत्त की फिल्म आर पार, मिस्टर एंड मिसेज, प्यासा में नजर आईं। इसके अलावा वे 1950 में आईं 'बाबुल' में नजर आईं। खेल मोहब्बत का, लवर ब्वाय, कुली, हादसा, सम्राट जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं।