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86 साल पहले इस एक्ट्रेस के पहले Kissing सीन से हिल गया था बॉलीवुड, पर्दे पर आने से पहले हुआ ये अंजाम
Sat, 09 Mar 2019 01:26 PM IST
विजय जैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 09 Mar 2019 01:26 PM IST
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देविका रानी
- फोटो : file photo
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भारतीय सिनेमा जगत में वैसे तो ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी को कहा जाता है लेकिन कम ही लोगों को पता है कि उनसे काफी पहले यह खिताब एक्ट्रेस देविका रानी को मिला था। देविका रानी अपने 10 साल के करियर में हिन्दी सिनेमा को नई ऊंचाईयों तक ले गईं। देविका रानी का जन्म 30 मार्च 1908 को विशाखापट्टनम में हुआ था जबकि उन्होंने 9 मार्च 1994 को इस दुनिया को छोड़ दिया।
देविका रानी और अशोक कुमार
- फोटो : file photo
देविका रानी के परिवार का संबंध प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर के परिवार से था। उनके पिता कर्नल एमएन चौधरी एक समृद्ध बंगाली परिवार से ताल्लुक रखते थे। देविका रानी ने जिस दौर में फिल्मों में काम करने का फैसला किया उस दौर में महिलाओं का घर से निकलना भी अच्छा नहीं समझा जाता था। दरअसल, इसके पीछे की वजह उनके परिवार का खुला माहौल भी था।
देविका रानी
- फोटो : file photo
देविका रानी 9 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चली गईं। पढ़ाई पूरी करने के बाद देविका भारत लौटीं। इसी बीच उनकी मुलाकात प्रसिद्ध निर्माता हिमांशु राय से हुई। हिमांशु देविका की खूबसूरती से इतना प्रभावित हुए कि साल 1933 में उन्होंने देविका को अपनी फिल्म 'कर्म' में काम देने की पेशकश की, जिसे देविका ने स्वीकार कर लिया। इस फिल्म में देविका के हीरो हिमांशु राय ही बने। यह किसी भारतीय द्वारा बनी पहली अंग्रेजी बोलने वाली फिल्म थी। यही नहीं देविका रानी हिंदी सिनेमा में पहली किसिंग सीन देने वाली एक्ट्रेस बनीं जो 4 मिनट लंबा सीन था।
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देविका रानी
- फोटो : file photo
इस सीन के बाद देविका की काफी आलोचना हुई और फिल्म को प्रतिबंधित भी कर दिया गया। बाद में हिमांशु ने देविका से शादी कर ली। 1936 में आई फिल्म ‘अछूत कन्या’ में देविका रानी ने एक दलित लड़की का दर्द बड़े पर्दे पर बखूबी उकेरा। देविका रानी गाती भी काफी अच्छा थीं। ‘अछूत कन्या’ का एक गाना खुद देविका ने गाया। देविका ने पति के साथ मिलकर बॉम्बे टॉकीज नाम का स्टूडियो बनाया, जिसके बैनर तले कई सुपर हिट फिल्में आईं।
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देविका रानी
अशोक कुमार, दिलीप कुमार, मधुबाला और राज कपूर जैसे सितारों का करियर उनके हाथों परवान चढ़ा। दिलीप कुमार को फिल्म इंडस्ट्री में लाने का श्रेय देविका को ही दिया जाता है। 1970 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत हुई। यह भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा अवॉर्ड है। इसकी पहली विजेता देविका रानी बनीं। इसके अलावा देविका रानी फिल्म इंडस्ट्री की प्रथम महिला बनीं जिन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।