बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक गीत देने वाले गीतकार योगेश गौर (Yogesh Gaur) ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। योगेश की गिनती उन गीतकारों में होती है जिन्होंने अपने समय में सबसे बेहतरीन फिल्मकार रहे ऋषिकेश मुखर्जी, बासु चटर्जी आदि के साथ खूब काम किया है। वहीं हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की फिल्म 'आनंद' के लिए भी योगेश ने ही गीत लिखे थे। योगेश ने भले ही हम सबको अलविद कह दिया हो लेकिन उनके गीत हमेशा हम सबके जेहन में रहेंगे।
गीतकार योगेश का निधन, इन सदाबहार गीतों से जीता था सबका दिल
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लखनऊ में 19 मार्च 1943 को जन्मे गीतकार योगेश ने अपने दौर में कई बेहतरीन गीत हिंदी सिनेमा को दिए। योगेश के बेहतरीन गानों में आनंद फिल्म के गीत कहीं दूर जब दिन ढल जाए और जिंदगी कैसी है पहेली मुख्य रूप से शामिल हैं। इन दोनों गीतों को आज भी हर कोई गुनगुनाता है।
योगेश के सिनेमा का सफर फिल्म रॉबिन से शुरू हुआ था। इस फिल्म के लिए योगेश ने छह गीत लिखे थे। इसके बाद 1974 में फिल्म रजनीगंधा, 1976 में फिल्म छोटी सी बात, 1979 में फिल्म बातों बातों में और मंजिल सहित कई फिल्मों को योगेश ने अपने गीतों के दम पर यादगार कर दिया।
योगेश की आखिरी बड़ी रिलीज फिल्म किशन कुमार स्टारर बेवफा सनम थी। याद दिला दें कि योगेश ने फिल्मों के अलावा कुछ टीवी कार्यक्रमों के लिए भी लेखन किया था। अपने गीतों के बारे में एक इंटरव्यू में योगेश ने कहा था, 'जो देखा था, जो जीता था, वही लिखा है। मैंने हमेशा अपने आस-पास के लोगों के बारे में लिखा।' फिल्मों के अलावा अगर बात योगेश के चुनिंदा बेहतरीन पांच गीतों की करें तो, 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए', 'जिंदगी कैसी है पहेली', 'रिमझिम गिरे सावन', 'कई बार यूं ही देखा है', 'ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा' के बिना लिस्ट अधूरी कहलाएगी।
योगेश के निधन पर दिग्गज गायिका लता मंगेशकर ने भी शोक जाहिर किया है। लता मंगेशकर ने अपनी सोशल मीडिया अकाउंट पर योगेश को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'मुझे अभी पता चला कि दिल को छूने वाले गीत लिखने वाले कवि योगेश जी का आज स्वर्गवास हुआ। यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। योगेश जी के लिखे कई गीत मैंने गाए। योगेश जी बहुत शांत और मधुर स्वभाव के इंसान थे। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पण करती हूं।'
Mujhe abhi pata chala ki dil ko chunewale geet likhnewale kavi Yogesh ji ka aaj swargwas hua. Ye sunke mujhe bahut dukh hua.Yogesh ji ke likhe kai geet maine gaaye. Yogesh ji bahut shaant aur madhur swabhav ke insan the. Main unko vinamra shraddhanjali arpan karti hun.
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