अंग्रेजी साहित्य में मास्टर्स करके पंजाब से नौकरी की तलाश में आया एक शख्स तीन दशक पहले जब मुंबई की एक चाल में रहने और दिहाड़ी कमाने के लिए परदे पर हीरो के हाथों पिटने को मजबूर हुआ तो उसे भी कहां पता रहा होगा एक दिन उसका बेटा भी हीरो बनेगा। ये पिता हैं हिंदी सिनेमा के मशहूर स्टंट निर्देशक शाम कौशल। विक्की कौशल की गिनती आज की तारीख में हिंदी सिनेमा के टॉप 5 सितारों में होती है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके विक्की सिनेमा में आए अनुराग कश्यप के शागिर्द बने और अब बन चुके हैं अदाकारी के उस्ताद। अमर उजाला ने विक्की कौशल से उनके अब तक के सफर के बारे में ये बातचीत की।
विक्की कौशल बोले- पिता की वजह से नहीं मिला कोई भी काम, मैंने अपने संघर्ष से दिया नेपोटिज्म को जवाब
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मेरा अब तक का संघर्ष ही इसका जवाब है। मुझे कोई भी काम मेरे पिता की वजह से नहीं मिला। न ही कभी मैंने उनके नाम का सहारा लेने की कोशिश की। मेरे पिता ने पंजाब से मुंबई आकर गरीबी की इंतेहा देखी है। मलाड की एक चॉल में मेरा जन्म हुआ और सिनेमा में मेरा जन्म कैमरे के पीछे। गैंग्स ऑफ वासेपुर में नवाजुद्दीन सिद्दीकी जब एक्टिंग करते थे तो मैं क्लैप ब्वॉय होता था। रमन राघव में वह सीरियल किलर थे और मैं पुलिसवाला। उस एक फ्रेम तक पहुंचने के लिए मैंने सालों तक इंडस्ट्री में पसीना बहाया है।
ज़ुबान, मसान, रमन राघव के बाद साल 2018 तो देखा जाए एक तरह से विक्की कौशल का साल रहा। ओटीटी से लेकर बड़े परदे तक विकी कौशल की पांच फिल्में पिछले साल रिलीज हुईं। मंजिल अब कितनी करीब दिख रही है?
हां, साल 2018 मेरे लिए काफी अच्छा रहा। राजी ने सौ करोड़ से ऊपर का कारोबार किया। लव पर स्क्वॉयर फुट और लस्ट स्टोरीज ने मुझे सोशल मीडिया पर बहुत प्यार दिया। मनमर्जियां ने मेरे भीतर के अभिनेता को एक नई उड़ान दी।
और संजू?
संजू जैसी फिल्में जिंदगी भर की यादगार बन जाती हैं। राजकुमार हिरानी ने मुझमें कमली के शेड्स देखे होंगे तभी ये फिल्म मुझे मिली। फिल्म संजू रणबीर कपूर की फिल्म है लेकिन ये फिल्म आपको मेरी वजह से भी याद रही तो यही मेरी अदाकारी का ईनाम है।
सिनेमा कारोबार है। कोई भी मुझे फिल्म में लेता है तो वह पहले ये देखता है कि इसका रिटर्न उसे क्या मिलने वाला है। कोई भी फिल्म आपको इसलिए नहीं देता कि आप किसे जानते हैं या आपका किसी के साथ रिश्ता क्या है। हर फिल्म मुनाफा कमाने के लिए बनती है। तो अगर किसी फिल्म को उसके कारोबार के लिए याद रखा जाता है तो इसमें बुराई नहीं है। पर एक एक्टर के लिए जरूरी है कि उसे उसके किरदारों के नाम से याद रखा जाए।
फिल्म उरी बहुत बड़े कैनवास की फिल्म है लेकिन हमने इसे बहुत कम बजट में बनाया है। किसी भी नए निर्देशक को बड़ा बजट मिलता भी नहीं है। हमने खूब मेहनत की और फिल्म की क्वालिटी से समझौता किए बिना शूट करने के सरल तरीके ढूंढ निकाले। सर्बिया में फिल्म की शूटिंग हुई है। जहां हमने जंगल, बारिश और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में शूटिंग की। बजट के भीतर ही फिल्म बनाने के लिए जरूरी था कि हम कम से कम रीटेक करें इसके लिए हमने शूटिंग से पहले हर सीन की कई कई बार रिहर्सल की। विक्की अपने किरदार के लिए ही नहीं बल्कि पूरी यूनिट के लिए बहुत काम आए। वह बहुत मेहनती हैं। सिनेमा की उन्हें समझ है और कैमरे के पीछे का उनका अनुभव शूटिंग में भी हमें बहुत काम आया।
आदित्य धर निर्देशक- 'उरी द सर्जिकल स्ट्राइक'