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एक-दो नहीं 'बेगम जान' में हैं ये 10 धाकड़ डायलॉग्स, जरूर पढ़ें
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:28 PM IST
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'बेगम जान' फिल्म
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हाल ही में विद्या बालन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बेगम जान' फिल्म रिलीज हुई है। 'डर्टी पिक्चर' के बाद विद्या एक बार फिर बोल्ड अवतार में नजर आ रही हैं। फिल्म में ऐसे ताबड़तोड़ डायलॉग्स हैं जिन्हें सुनकर आपके कान सुन्न हो जाएंगे। आइए सुनते हैं 'बेगम जान' के वो डायलॉग्स जिसमें विद्या बालन के जबरदस्त तेवर दिख रहे हैं।
विद्या बालन
पहला डायलॉगः
बाप, भाई, बेटा, शौहर... बेगम जान की चौखट के उस पार हर मर्द एक मुर्गा है, तीन टांगों वाला मुर्गा।
बाप, भाई, बेटा, शौहर... बेगम जान की चौखट के उस पार हर मर्द एक मुर्गा है, तीन टांगों वाला मुर्गा।
विद्या बालन
दूसरा डायलॉगः
जनाब, आप जिसे जुबान से कोठा और दिमाग में रंडीखाना सोच रहे हैं वो मेरा घर है, मेरा वतन।
जनाब, आप जिसे जुबान से कोठा और दिमाग में रंडीखाना सोच रहे हैं वो मेरा घर है, मेरा वतन।
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विद्या बालन
तीसरा डायलॉगः
एक महीने का वक्त है, सिर्फ एक महीना... महीना हमें गिनना आता है साहब, हर बार साला लाल करके जाता है।
एक महीने का वक्त है, सिर्फ एक महीना... महीना हमें गिनना आता है साहब, हर बार साला लाल करके जाता है।
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विद्या बालन
चौथा डायलॉगः
तवायफ के लिए हर दिन एक जैसा होता है, एक बार बत्ती बुझी तो सब एक।
तवायफ के लिए हर दिन एक जैसा होता है, एक बार बत्ती बुझी तो सब एक।