देश का इतिहास इतना गौरवशाली रहा है कि अगर हर जीत को विजय दिवस के रुप में मनाया जाए तो हर महीने में एक त्यौहार विजय दिवस का तो जरूर मनेगा। तीन बड़े युद्ध तो सीधे तौर पर पाकिस्तान से ही जीते हैं। मौका है कारगिल विजय दिवस का, जब भारतीय सेना ने दो महीने से ज्यादा लंबे चले युद्ध के बाद आज के ही दिन वर्ष 1999 में पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। बेशक इसमें दोनों ही पक्षों का भारी नुकसान हुआ था लेकिन अंत में जीत भारत की हुई। इस दिन का जश्न देश तो मनाता ही है, साथ ही फिल्मों के माध्यम से भारतीय सिनेमा भी इस जीत का जश्न मनाने से पीछे नहीं रहा है। इस खास मौके पर आज हम आपको उन फिल्मों के बारे में बताते हैं जिनमें कारगिल युद्ध का जिक्र हुआ हो या पूरी फिल्म इसी युद्ध पर आधारित हो।
विजय दिवस: जब शहीद के घरवालों को नहीं मिला पेट्रोल पंप, जानिए कारगिल पर बनीं आठ फिल्मों के बारे में
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एलओसी कारगिल (2003)
भारत पाकिस्तान के बीच 1971 युद्ध पर साल 1997 में फिल्म 'बॉर्डर' को बनाने वाले जेपी दत्ता ने कारगिल युद्ध पर भी फिल्म बना डाली, एलओसी कारगिल (LOC Kargil) ।जेपी दत्ता ने फिल्म में हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों की फौज इकट्ठी की। इनमें संजय दत्त, सुनील शेट्टी, करण नाथ, अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, सैफ अली खान, अक्कीनेनी नागार्जुन, अक्षय खन्ना, रानी मुखर्जी, मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा, करीना कपूर, ईशा देओल, रवीना टंडन, प्रीति झंगियानी और महिमा चौधरी मुख्य हैं। ट्विटर और फेसबुक पर जंग लड़ने वालों ने ये फिल्म देखी ही नहीं, फिल्म की चार घंटे की अवधि भी इसकी राह का बड़ा रोड़ा रही।
धूप (2003)
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अश्विनी चौधरी (Ashwini Chaudhary) के निर्देशन में बनी यह फिल्म सीधे तौर पर कारगिल युद्ध (Kargil War) पर आधारित तो नहीं है लेकिन उस युद्ध से इस फिल्म का नाता जरूर है। यह फिल्म कारगिल युद्ध में 17 जाट रेजीमेंट के हिस्सा रहे कैप्टन अनुज नय्यर के परिवार की कहानी है। युद्ध में अनुज नय्यर शहीद हो गए तो भारत सरकार ने पुरस्कार स्वरूप उनके परिवार को एक पेट्रोल पंप दिया। लेकिन, देश की नौकरशाही उस पेट्रोल पंप को चलाने के लिए अनुज के परिवार को अनुमति देने में नखरे करती है। यह फिल्म इसी मसले के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में ओमपुरी, रेवती, गुल पनाग, संजय सूरी और यशपाल शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
स्टंप्ड (2003)
इस फिल्म का जॉनर वैसे तो स्पोर्ट्स ड्रामा है लेकिन कहानी का संबंध कारगिल युद्ध से भी है। फिल्म में अली खान और रवीना टंडन मुख्य भूमिकाओं में हैं। गौरव पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वर्ष 1999 का क्रिकेट विश्व कप और कारगिल युद्ध दोनों एक साथ अपना प्रभाव छोड़ते हैं। जहां एक ओर लोग क्रिकेट विश्व कप में भारत के जीतने की कामना कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फिल्म की मुख्य किरदार रीना आर सेठ कारगिल में युद्ध लड़ रहे अपने पति मेजर राघव सेठ की जीत की कामना कर रही थी। दोनों कामनाओं में से भगवान रीना की सुन लेते हैं।
लक्ष्य (2004)
फिल्म लक्ष्य (Lakshya) कारगिल युद्ध से प्रेरित जरूर है लेकिन इसकी कहानी एकदम काल्पनिक है। फिल्म में एक नाकारा निकम्मा लड़का करण शेरगिल होता है जिसका जिंदगी में कोई लक्ष्य नहीं है। वह ऐसे ही मजे मजे में भारतीय सेना में भर्ती हो जाता है। लेकिन, जब उसे पता चलता है कि एक सैनिक की जिंदगी तो बहुत मुश्किल होती है तो वह सेना छोड़ देता है। ऐसा काम करने की वजह से उसकी प्रेमिका रोमिला दत्ता उससे दूर हो जाती है। अपनी प्रेमिका की नजर में खुद को बहादुर साबित करने के लिए करण फिर से सेना में भर्ती हो जाता है और कारगिल युद्ध भी लड़ता है। फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा, अमिताभ बच्चन आदि कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।