विक्रमादित्य मोटवानी बॉलीवुड के जाने माने निर्देशक हैं। विक्रमादित्य ने संजय लीला भंसाली के सहायक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। अब हाल ही में, विक्रमादित्य ने इस धारणा के बारे में बात किया कि लोग संजय लीला भंसाली को अहंकारी क्यों कहते हैं और उनकी फिल्में आखिर सबसे हटकर क्यों होती है।
Vikramaditya Motwane: संजय लीला भंसाली को अहंकारी बताए जाने पर भड़के विक्रमादित्य, कहा- वह अद्भुत इंसान हैं
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विक्रमादित्य मोटवाने ने अपने हालिया इंटरव्यू में संजय लीला भंसाली के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा किया और बताया कि जब पहली बार सहायक निर्देशक के रूप में उनके साथ काम किया तो वह 'पागल' हो गए थे। संजय ने उन्हें अच्छा पैसा दिया और अपनी इच्छा का प्रयोग करने की पर्याप्त स्वतंत्रता दी थी। संजय अपनी हर फिल्म को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
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आगे विक्रमादित्य से यह सवाल पूछा गया कि लोग कहते हैं कि संजय बहुत ही अहंकारी व्यक्ति हैं और अपने अहंकार से सबको पागल कर देते हैं। इस सवाल के जवाब में विक्रमादित्य ने कहा, संजय फिल्मों के बारे में सोचते हैं। वह अपनी फिल्मों में पूर्णता की तलाश करते हैं। ऐसे में यह कई बार अप्राकृतिक लगता है, लेकिन जब आप खुद निर्देशक होते हैं तो आप समझ जाते हैं।
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विक्रमादित्य ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, यह अहंकार नहीं है। यह ऐसा है कि आप अपनी फिल्म में इतने डूबे हुए हैं कि आप उस फिल्म के बारे में बताने में, उस दुनिया और उस ब्रह्मांड को दर्शकों तक पहुंचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। संजय अपनी फिल्मों में ऑडियंस के सामने कुछ ऐसा रख देते हैं, जो उन्हें सोचने पर मजबूर कर देता है।
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मोटवानी ने आगे बताया कि डीडी के शो में संजय ने उन्हें चार या पांच दिनों के लिए शूटिंग के लिए 8000 रुपये दिए थे। इसके अलावा उनपर कोई भी रोक टोक भी नहीं लगाया था। जब आप इंडस्ट्री में आलस देखते हैं, तो कहते है कि 'चलता है'। आप इसे कई फिल्मों में देख सकते हैं, लेकिन संजय के साथ ऐसा नहीं था। विक्रमादित्य ने कहा कि हालांकि, संजय महान हैं लेकिन उनके साथ काम करना उनके लिए कल्चर शॉक था।