महाराष्ट्र के इगतपुरी कस्बे में एक त्रिंगलवाड़ी नाम का किला है जिसके आसपास लगभग एक दर्जन गांव हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों के लिए दिवंगत अभिनेता इरफान खान किसी भगवान से कम नहीं थे। इरफान के इस दुनिया को अलविदा कह जाने के बाद यहां के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एक जगह का नाम बदलने का फैसला किया है।
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इरफान खान
- फोटो : ट्विटर
इस जगह के कई किलोमीटर के दायरे में भी कोई सिनेमाघर नहीं है फिर भी अभिनेता इरफान खान का यहां बच्चा बच्चा प्रशंसक है। वह उनकी कोई भी फिल्म देखने का मौका नहीं छोड़ते। यहां के लोग उनकी फिल्म देखने के लिए 30 किलोमीटर तक बस से यात्रा करके नासिक जाते हैं। अगर टीवी पर भी इरफान की फिल्म का प्रसारण होता है तो वह उसे भी नहीं छोड़ते।
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इरफान खान
- फोटो : पीटीआई
दरअसल गांव वालों के लिए इरफान एक सच्चे हीरो हैं। उन्होंने इस गांव का विकास किया है और स्कूलों को दान भी दिया है। इगतपुरी के जिला परिषद के सदस्य और स्थानीय राजनीतिज्ञ गोरख बोकडे कहते हैं, 'हमें जब भी उनकी जरूरत पड़ी है, वह हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने हमें एंबुलेंस दी है और हमारे स्कूलों को भी बनवाया है। यहां तक कि छात्रों को उन्होंने किताबें भी दी हैं।'
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त्रिंगलवाड़ी किला
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जब एक दशक पहले इरफान इगतपुरी गए थे तब उन्होंने वहां पर एक जगह खरीदी थी जहां पर उन्होंने फार्महाउस बनवाया। वहां की आदिवासी जातियों को उन्होंने कुछ सुख सुविधाएं भी दीं। जब इरफान से एक आपातकाल के लिए एक एंबुलेंस की विनती की गई तो एक महीने के अंदर उन्होंने एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था कर दी। गोरख बोकड़े कहते हैं, 'वह कई परिवारों के लिए एक फरिश्ते थे। जब भी उन्हें सहायता की जरूरत हुई तो इरफान ने कभी ना नहीं कहा।'
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इरफान खान
- फोटो : सोशल मीडिया
जबसे इरफान को कैंसर हुआ, उसके बाद से यहां के लोगों ने उन्हें नहीं देखा। जब उनके मरने की खबर आई तब यहां के इलाके में शोक छा गया था। उन्हीं को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां के लोगों ने फैसला लिया है कि वह उनके फार्महाउस वाले इलाके का नाम बदल देंगे। अब उस जगह का नाम 'हीरो-ची-वाड़ी' रखेंगे, जिसका हिंदी में मतलब है 'हीरो का घर'।
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