बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना की गिनती सदाबहार कलाकारों में होती थी। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी हैं। आज भले ही वो हमारे बीच नहीं लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वो दर्शकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। विनोद खन्ना का जन्म छह अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर (तब ब्रिटिश इंडिया में) में हुआ था। 27 अप्रैल को विनोद खन्ना की पुण्यतिथि होती है। आज उनकी पुण्यतिथि पर जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
विनोद खन्ना: स्टारडम छोड़ ओशो के आश्रम में माली बन गए थे अभिनेता, टॉयलेट तक किया था साफ
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अपनी पहली ही फिल्म में विनोद खन्ना ने विलेन की भूमिका अदा की थी, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसके बाद उन्होंने 'पूरब और पश्चिम', 'सच्चा झूठा', 'आन मिलो सजना', 'मस्ताना' और 'मेरा गांव, मेरा देश' सहित कई फिल्मों में विलेन का किरदार कर खूब सुर्खियां बटोरीं।
विनोद खन्ना ने अपने करियर में 150 से ज्यादा फिल्में कीं। 70-80 के दौर में अमिताभ बच्चन अपनी करियर की ऊंचाईयों पर थे। उस वक्त उनकी स्टारडम को केवल एक ही अभिनेता टक्कर देने वाला माना जाता था वो थे विनोद खन्ना। शशि कपूर के बाद वो दूसरे अभिनेता थे जो रविवार को काम नहीं करते थे लेकिन उन्हें अपनी जिंदगी में एक खालीपन सा लगता था।
विनोद बॉलीवुड के इकलौते ऐसे एक्टर कहे जाते हैं जिन्होंने अपने करियर की चोटी पर आकर रिटायरमेंट ले लिया और आश्रम चले गए। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भले ही उनके पास दौलत-शोहरत है लेकिन एक कमी सी लगती है। इसी वजह से संन्यास का फैसला किया और अमेरिका में आध्यात्मिक गुरु ओशो के आश्रम चले गए।